भोपाल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आधुनिक शिक्षा प्रणाली में नवाचार , आधुनिक तकनीक और भारतीय ज्ञान परंपरा के समन्वय पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की उच्च शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर उसे रोजगारपरक बनाया जाएगा, ताकि हमारे युवा न केवल शिक्षित हों, बल्कि आत्मनिर्भर भी बन सकें। मुख्यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार नई शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप प्रदेश के शिक्षण संस्थानों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार कर रही है।
भारतीय ज्ञान परंपरा का पुनरुत्थान: मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी प्राचीन शिक्षा पद्धति और ज्ञान को आधुनिक पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा ताकि युवा अपनी जड़ों से जुड़े रहें। तकनीक और AI पर जोर: शिक्षण संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और डिजिटल लर्निंग जैसे आधुनिक विषयों को प्राथमिकता दी जाएगी। इंडस्ट्री-एकेडेमिया लिंक: डिग्री को सीधे रोजगार से जोड़ने के लिए उद्योगों की जरूरतों के हिसाब से स्किल डेवलपमेंट कोर्सेज शुरू किए जाएंगे। गुणवत्तापूर्ण शोध (Research): विश्वविद्यालयों को नवाचार और शोध के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे प्रदेश को ‘नॉलेज इकोनॉमी’ बनाया जा सके।
युवाओं के लिए प्रतिबद्धता मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य एक ऐसा शैक्षिक इकोसिस्टम बनाना है जहाँ ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भी आधुनिकतम तकनीक और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं सुलभ हों। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि वे पाठ्यक्रमों को बाजार की मांग के अनुसार अपडेट करें।
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