भोपाल
राजधानी भोपाल में 11वीं की नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले में पुलिस ने ‘यासीन मछली गैंग’ से जुड़े जिम संचालक माज को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी ओसाफ ने माज की थार कार में ही छात्रा के साथ अपराध को अंजाम दिया था। मामले में संदिग्ध भूमिका पाए जाने पर कोहेफिजा थाने के एक प्रधान आरक्षक को भी निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, माज यासीन मछली गिरोह से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, जो भोपाल में एमडी ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा रहा है। हालांकि माज की गिरफ्तारी नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले में नहीं, बल्कि दुष्कर्म प्रकरण में सहयोग की भूमिका के चलते हुई है। माज का बड़ा भाई मोनिस खान पहले ही यासीन मछली गिरोह के लिए तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार होकर जेल में बंद है। कोहेफिजा थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल शुक्ला ने बताया कि 2 जनवरी को नाबालिग छात्रा के साथ थार कार के अंदर दुष्कर्म करने, अश्लील वीडियो बनाने और ब्लैकमेल कर एक लाख रुपये ऐंठने के आरोप में ओसाफ के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था।
पुलिस ने पहले ही ओसाफ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि वारदात माज की थार कार में हुई थी। इसके बाद पुलिस ने जिम संचालक माज को भी आरोपी बनाया और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त थार कार को भी जब्त करने की कार्रवाई की गई है। इस मामले में कोहेफिजा थाने के प्रधान आरक्षक ज्ञानेन्द्र द्विवेदी की भूमिका संदिग्ध पाई गई। आरोप है कि उन्होंने माज को थाने लाने के बजाय सीधे कोर्ट में सरेंडर कराने की योजना बनाई थी। इस संबंध में प्रतिवेदन तैयार कर डीसीपी जोन-3 को भेजा गया, जिसके बाद रविवार को डीसीपी जोन-3 द्वारा प्रधान आरक्षक ज्ञानेन्द्र द्विवेदी को निलंबित कर दिया गया।
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