भोपाल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘जनगणना-2027’ के सफल संचालन के लिए आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण संवैधानिक दायित्व है। 16 मई से 14 जून तक चलेगा पहला चरण मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राजस्थान में जनगणना का प्रथम चरण 16 मई से 14 जून तक संचालित किया जाएगा।
इस चरण की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं: मकानों की गणना: पहले चरण में मुख्य रूप से मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा। सटीक आंकड़ों का महत्व: सटीक आंकड़े ही भविष्य के विकास कार्यों और जन-कल्याणकारी योजनाओं का महत्वपूर्ण आधार बनते हैं। राष्ट्रीय कर्तव्य: मुख्यमंत्री ने सभी कार्मिकों से इसे राष्ट्रीय कर्तव्य मानकर पूरी निष्ठा के साथ पूरा करने का आह्वान किया है। गुणवत्तापूर्ण डेटा के लिए गहन प्रशिक्षण डेटा की शुद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं: कार्मिकों का प्रशिक्षण: गुणवत्तापूर्ण डेटा संकलन के लिए संबंधित फील्ड कार्मिकों को गहन प्रशिक्षण दिया जाए।
तकनीकी सुदृढ़ता: डेटा संकलन की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो, इसके लिए आधुनिक तकनीकों और बेहतर निगरानी प्रणाली का उपयोग करने पर जोर दिया गया है। विकास योजनाओं की बनेगी रूपरेखा सम्मेलन के दौरान यह रेखांकित किया गया कि जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के माध्यम से ही राज्य सरकार विभिन्न वर्गों के लिए लक्षित योजनाएं तैयार कर सकेगी। मुख्यमंत्री ने अपील की कि इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
Read Also :- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का डीडवाना-कुचामन दौरा —जैन धर्म जीवन जीने की पूर्ण कला: मुख्यमंत्री
