गोविन्दपुरा में बीस साल से नहीं मिला कांग्रेस को स्थानीय उम्मीदवार

 करनैल सिंह के बाद लगातार बढ़ता जा रहा है हार का अंतर

भोपाल

लगातार चार दशक से भाजपा का गढ़ बना गोविन्दपुरा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। जब-जब कांग्रेस ने स्थानीय प्रत्याशी को उम्मीदवार बनाया, हार का अंतर कम होता चला गया और जब-जब बाहरी प्रत्याशी को उम्मीदवार बनाया हार का अंतर बढ़ता ही चला गया। गुटबाजी के चलते करीब बीस साल से गोविन्दपुरा में स्थानीय प्रत्याशी नहीं मिल पाया। यह श्रमिक बाहुल्य क्षेत्र है। यहां से पिछले नगर निगम चुनाव में कांग्रेस 18 में से 16 वार्डों में बुरी तरह हार चुकी है।

वर्ष 1998 में थ्रिफ्ट सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष करनैल सिंह कांग्रेस के ऐसे एकमात्र उम्मीदवार थे जो कि भाजपा उम्मीदवार बाबूलाल गौर से 10883 मतों से हारे थे। वह स्थानीय रहवासी थे। इसके बाद से लगातार बाहरी को उम्मीदवार बनाया गया। 2003 में कांग्रेस ने शिवकुमार उरमलिया को उम्मीदवार बनाया जो 64212 मतों से हारे। इसके बाद वर्ष 2008 में पूर्व महापौर श्रीमती विभा पटेल को चुनाव मैदान में उतारा, उन्होंने हार का अंतर कम करते हुए 33754 पर लाकर खड़ा कर दिया। लेकिन वर्ष 2013 में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता को जब इस विधानसभा से टिकट दिया तो यह अंतर बढ़कर 70644 पहुंच गया। यानि भाजपा उम्मीदवार बाबूलाल गौर को जहां 1,16,586 मत मिले तो श्री गोयल को 45,942 मत पाकर संतोष करना पड़ा।

सवाल यह खड़ा हो रहा है कि लगातार 15 सालों से जब शिवराज सरकार प्रदेश में काबिज है तो ऐसे में कांग्रेस आज भी इस विधानसभा क्षेत्र से कोई दमदार स्थानीय प्रत्याशी तलाशने में सफल नहीं हो पा रही है। टिकट की रेलमपेल में बड़े नेता आज भी अपने समर्थक को टिकट दिलाने की जीतोड़ कोशिश कर रहे हैं। जबकि उन्हें किसी भी एक जीतने वाले प्रत्याशी पर सहमति बनाकर अब तक टिकट की घोषणा कर देनी थी ताकि वह चार दशक से हार रही कांग्रेस के लिए जन-जन तक पहुंच सके। हो उल्टा रहा है यहां टिकट की दावेदारी करने वाले उम्मीदवार बजाए क्षेत्र में काम करने के भोपाल से लेकर दिल्ली तक दौड़ लगा रहे हैं। कुछ तो ऐसे हैं जो आज भी दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। हकीकत यह है कि भाजपा अपने गढ़ में वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिये अपने कार्यकर्ताओं को घर-घर भेजकर चुनाव प्रचार अभियान का श्रीगणेश कर चुकी है भले ही टिकट किसी को मिले।

गोविन्दपुरा विधानसभा क्षेत्र की स्थिति
– कुल वार्ड – 18
– मतदाता – 3,47,017
– पुरुष मतदाता – 1,85,516
– महिला मतदाता – 1,61,501
– बूथ संख्या – 384

कांग्रेस-भाजपा की स्थिति
वर्ष 1998
– बाबूलाल गौर – 71,589
ृ- करनैल सिंह – 60,706
वर्ष 2003
– बाबूलाल गौर – 1,23,513
– शिवकुमार उरमलिया – 59,301
वर्ष 2008
– बाबूलाल गौर – 62,766
– श्रीमती विभा पटेल – 29,012
वर्ष 2013
– बाबूलाल गौर – 1, 16,586
– गोविन्द गोयल – 45,942

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