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‘संबल योजना’ में करोड़ों रूपए का घोटाला, सीबीआई जांच हो: कांग्रेस का आरोप

भोपाल,

कांग्रेस ने मध्यप्रदेश सरकार की ‘मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना’ में करोड़ों रूपए के घोटाले का आरोप लगाते हुए इसकी सीबीआई जांच कराने की बुधवार को मांग की।वहीं, भाजपा ने इन आरोपों को निराधार एवं राजनीति से प्रेरित बताया है। मध्यप्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने यहां संवाददाताओं को बताया, ‘‘मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना में मजदूरों एवं गरीबों को दी जाने वाली ‘सरल बिजली बिल स्कीम’, ‘मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी योजना’ एवं ‘दुर्घटना बीमा योजना’ में करीब 1,000 करोड़ रूपये का घोटाला हुआ है। इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमीनी स्तर पर जाकर जब इस योजना की सच्चाई का पता लगाया तो यह पता चला कि करोड़ों रूपये की यह योजना पात्र हितग्राहियों की बजाय अमीरों, कुपात्रों, भाजपा कार्यकर्ताओं और नौकरशाहों के बीच पैसों की बंदरबांट का खेल बनकर रह गई है।शोभा ने आरोप लगाया कि इसके पीछे मंत्री, भाजपा नेता, विधायक, पार्षद, उद्योगपति तथा सरकारी कर्मचारी एवं अधिकारियों का हाथ है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुल सवा सात करोड़ जनसंख्या में से लगभग पांच करोड़ मतदाता हैं, जिसमें से करीब 2.16 करोड़ लोगों को ‘संबल योजना’ के तहत पंजीकृत किया गया है। यह कुल मतदाताओं का लगभग 40 फीसदी है। इस आंकड़े से ही सिद्ध हो जाता है कि इस योजना में किस स्तर पर फर्जीवाड़ा हुआ है।प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता ने आरोप लगाया, ‘‘इस योजना में ऐसे-ऐसे लोगों को लाभ मिला है जो करोड़पति हैं, जिनके पास बंगला एवं महंगी कारें हैं।’’

दूसरी ओर मध्यप्रदेश भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा, ‘‘ये आरोप निराधार हैं। कांग्रेस को गरीबों के जनकल्याण की योजनाओं पर राजनीति नहीं करना चाहिए। ये योजनाएं वंचित लोगों को बिजली एवं अन्य मूल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए चालू की गई हैं। कांग्रेस को इन योजनाओं के बारे में सकरात्मक रूप से सोचना चाहिए।’’

गौरतलब है कि इस साल जून में भाजपा नीत मध्यप्रदेश सरकार ने ‘मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना-2018’ के पंजीकृत श्रमिकों के लिये‘ सरल बिजली बिल स्कीम’ शुरू की। इसके तहत उनको 200 रूपये तक ही मासिक बिजली बिल देना पड़ता है। यदि इससे ज्यादा बिल आता है, तो बाकी राशि राज्य सरकार सब्सिडी के रूप में दे रही है। वहीं, पंजीकृत श्रमिकों एवं गरीबों को ‘मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम’ में 30 जून 2018 की स्थिति में पूर्ण मूल बकाया एवं सरचार्ज राशि की माफी हो रही है।

इसके अलावा, संबल योजना में असंगठित मजदूरों की सामान्य मृत्यु होने पर दो लाख रूपये की सहायता एवं दुर्घटना में मृत्यु होने पर चार लाख रूपये की सहायता दिये जाने का प्रावधान है। कांग्रेस ने इसमें भी बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा होने का आरोप लगाया है।

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