भोपाल। संघर्ष और जुनून जब साथ मिल जाएं, तो अभाव भी सफलता की राह नहीं रोक पाते। भोपाल के भीमनगर स्लम एरिया में रहने वाली चांदनी विश्वकर्मा ने इस बात को सच कर दिखाया है। सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के बीच चांदनी ने एमपी बोर्ड 12वीं की परीक्षा (वाणिज्य संकाय) में 500 में से 500 अंक हासिल कर प्रदेश में टॉप कर इतिहास रच दिया है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद भीमनगर पहुंचे और चांदनी के एक कमरे के कच्चे मकान में जाकर उनसे और उनके परिवार से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने चांदनी के हौसले की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से न केवल अपनी, बल्कि पूरे प्रदेश की पहचान बनाई है। जनसंवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने चांदनी की प्रतिभा को देखते हुए उन्हें हर संभव सरकारी मदद का भरोसा दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि चांदनी की आगे की उच्च शिक्षा में कोई बाधा नहीं आएगी और सरकार उसका पूरा खर्च उठाएगी। इसके साथ ही, परिवार के रहने की समस्या को देखते हुए सीएम ने उन्हें नया मकान बनवाने या पुराने घर की बेहतर मरम्मत कराने का भी आश्वासन दिया। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने चांदनी के मजदूर पिता को नई नौकरी दिलाने की बात भी कही। अपनी आंखों के सामने मुख्यमंत्री को पाकर चांदनी अभिभूत नजर आईं।
उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी ली और इसे अपने लिए ‘सपने के सच होने’ जैसा बताया। भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने का सपना संजोने वाली चांदनी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है, जिससे अब वे बिना किसी चिंता के अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगी। वहीं, चांदनी के माता-पिता ने भी घर की तंगहाली और अन्य समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं, जिस पर उन्होंने तत्परता से समाधान का भरोसा दिया।
