21.5 C
London
Sunday, June 14, 2026
Homeभोपालएमपी के लिए CII की चौंकाने वाली रिपोर्ट, 2047 तक 2.1 अमेरिकी...

एमपी के लिए CII की चौंकाने वाली रिपोर्ट, 2047 तक 2.1 अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकती है GSDP

Published on

भोपाल:

मध्य प्रदेश में विकास की इतनी संभावनाएं है। जिससे यहां की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। एमपी की बढ़ती अर्थव्यवस्था को देखते हुए भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इसके अनुसार मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था संभावित रूप से अपने जीएसडीपी को 2047-48 तक 2.1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर (248.6 लाख करोड़ रुपये) तक बढ़ा सकती है। इसके मौजूदा समय में 164.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर (13.6 लाख करोड़ रुपये) से 8.6% की सीएजीआर से बढ़ सकती है।

दरअसल, सीआईआई की ‘एन विजनिंग मध्यप्रदेश इकोनॉमी@2047’ हैडिंग वाली रिपोर्ट में आर्थिक विकास, प्रमुख सेक्टरों की पहचान, नीतिगत हस्तक्षेप और इंवेस्टमेंट के अवसरों की रूपरेखा तैयार करती है। यह राज्य के परिवर्तन को आगे बढ़ाएंगे। सीआईआई के डायरेक्टर जनरल डीजी चंद्रजीत बनर्जी ने बताया कि एमपी में जीडीपी के वर्तमान योगदान 4.6 फीसदी से बढ़ाकर 6% तक ले जाने का लक्ष्य है।

कैसे पहुंचेगी 2.1 ट्रिलियन US डॉलर की इकॉनमी
बनर्जी ने कहा कि मध्य प्रदेश को अपने महत्वकांक्षी विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मैन्यूफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल एरिया को केंद्र में रखना होगा। एमपी की अर्थव्यवस्था में वर्तमान में कृषि क्षेत्र 43% योगदान देता है। दीर्घकालिक विकास को बनाए रखने के लिए विनिर्माण की हिस्सेदारी 2047 तक 7.2% से बढ़कर 22.2% होनी चाहिए। इस टारगेट को पाने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेपों की रूपरेखा तैयार की गई है।

इन चार स्टेप से अचीव होगा गोल
बनर्जी के अनुसार सबसे पहले राज्य सरकार को परिवहन बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए काम करे। इसके लिए अधिक मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क का विकास, एयर कार्गो हब का विस्तार और हवाई कनेक्टिविटी में सुधार करने के साथ बुनियादी ढांचे के विकास को आगे बढ़ाना जारी रखना चाहिए। इसके अलावा राज्य को क्षेत्र-विशिष्ट औद्योगिक पार्क और स्मार्ट सिटी बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। साथ ही रिन्यूएबल एनर्जी सोर्स को एकीकृत करने के लिए पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक पार्क बनाने पर भी ध्यान देना चाहिए।

क्लॉथ इंडस्ट्री के लिए वर्कफोर्स
विशेष रूप से कपड़ा और खाद्य प्रोसेसिंग जैसे रोजगार के लोचदार क्षेत्रों के लिए कुशल वर्कर उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके लिए राज्य सरकार को और अधिक स्किल प्लेटफॉर्म स्थापित करने चाहिए। साथ ही स्किल गैप को दूर करने के लिए स्किल डेवलपमेंट में इंडस्ट्री की भागीदारी को प्रोत्साहित करना चाहिए।

तीसरा व्यवसाय करने में आसानी में सुधार से संबंधित है। व्यवसाय के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। निर्बाध अनुमोदन और मंजूरी के लिए सिंगल विंडो सिस्टम (एसडब्ल्यूएस) की दक्षता बढ़ाने से महत्वपूर्ण लाभ मिल सकते हैं। भूमि अधिग्रहण और पंजीकरण प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना, निरीक्षणों को एकीकृत करना और समय पर मंजूरी प्रदान करना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

चौथा कदम एमएसएमई को बढ़ाने से संबंधित है। एमपी एमएसएमई और स्टार्टअप के लिए एक संपन्न पारिस्थितिकी तंत्र का दावा करता है। जहां तक छोटे पैमाने के उद्यमों की संख्या का सवाल है तो दस शीर्ष राज्यों में से सातवें स्थान पर है। आगे का कार्य रियायती ऋण व्यवस्था के माध्यम से ऋण तक पहुंच में सुधार, प्रदर्शनियों और व्यापार मेलों में भाग लेकर बाजार पहुंच में सुधार के लिए समर्थन, एमएसएमई को बढ़ाने के लिए निर्यात सहायता की सुविधा, कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करना, डिजिटलीकरण और तकनीकी उन्नयन की सुविधा जैसे उपायों के माध्यम से एमएसएमई को बढ़ाना है।

सीआईआई के महानिदेशक बनर्जी के अनुसार, राज्य की अर्थव्यवस्था एक मोड़ पर है। औद्योगिक क्षमताओं को विकसित करने के लिए स्ट्रक्चरल सुधार को आगे बढ़ाने से राज्य में इवेस्टर अधिक आकर्षित होंगे। मध्यप्रदेश ने तकनीकी नवाचार, एडवांस एग्रीकल्चर टेक्नीक और व्यापक फसल विविधीकरण के आधार पर कृषि उत्कृष्टता के निर्माण के लिए नई कसौटी तैयार की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कृषि में देखी गई सफल रणनीतियों के आधार पर, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में पहल की आवश्यकता है जो राज्य को प्रगति की दिशा में नए रास्ते खोलने में मदद करेगी।

Latest articles

MSME इकाइयों को ₹360 करोड़ की मदद; CM यादव ने कहा – औद्योगिक विकास में मध्य प्रदेश सबसे आगे

भोपाल। राज्य में उद्योग, निवेश और रोज़गार को बढ़ावा देने के मकसद से आयोजित...

जशपुर पहली बार मिलेगा रेल नेटवर्क से जुड़ाव, धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना अधिसूचित

जशपुर। जशपुर जिले के विकास इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। भारत...

मुख्यमंत्री जन आवास योजना के 110 लाभार्थियों को मिली घर की चाबी

जयपुर। मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत आयोजित “गृह गौरव : खुशियों की चाबी”...

More like this

MSME इकाइयों को ₹360 करोड़ की मदद; CM यादव ने कहा – औद्योगिक विकास में मध्य प्रदेश सबसे आगे

भोपाल। राज्य में उद्योग, निवेश और रोज़गार को बढ़ावा देने के मकसद से आयोजित...

सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन तक पहुंच होगी आसान, रेलवे ट्रैक पर बनेगा 40 मीटर लंबा एफओबी

भोपाल। भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर में बने सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन को रेलवे...

तीसरी संतान पर सब-रजिस्ट्रार बर्खास्त, सीएम की घोषणा के 48 घंटे बाद हुई कार्रवाई

भोपाल। मध्यप्रदेश में दो से अधिक संतान संबंधी नियम के तहत पहली बार किसी...