भोपाल। शहर की स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखने के लिए शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) ने विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगह व्यवस्थाओं में भारी लापरवाही सामने आई, जिस पर सख्त रुख अपनाते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी गई है। निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गांधीनगर में स्थिति बेहद चिंताजनक मिली। यहां शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रगति पटेल और निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. राहुल जैन ओपीडी समय में बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से नदारद थे। सीएमएचओ ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए दोनों डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बिना अनुमति अनुपस्थित रहने की अवधि का वेतन जारी नहीं किया जाएगा। औचक निरीक्षण के दौरान जब सीएमएचओ मुगलिया हाट और कुराना स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहुंचे, तो ये दोनों केंद्र पूरी तरह बंद मिले। स्वास्थ्य केंद्रों के ताले लटके देख नाराजगी जताते हुए अधिकारियों ने इसे सेवाओं के प्रति घोर उदासीनता माना और संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को 7 दिन के वेतन कटौती का नोटिस थमा दिया। इस दौरान ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के तहत चल रहे टीकाकरण सत्रों का भी जायजा लिया गया।
अधिकारियों ने बच्चों और गर्भवती महिलाओं को दिए जा रहे टीकों और पोषण सेवाओं की जानकारी ली और व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर करने के निर्देश दिए। सीएमएचओ ने सख्त संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी कर्मचारियों को नियमित उपस्थिति और जिम्मेदारी से कार्य करना अनिवार्य है, अन्यथा आगे भी ऐसी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।
