भोपाल
रविवार का दिन भोपाल के भेल क्षेत्र के लिए काफी गहमागहमी भरा रहा। यहां के जंबूरी मैदान में ब्राहमण समाज ने महाकुंभ आयोजन किया वहीं दशहरा मैदान में किरार-धाकड़ समाज के लोगों ने सम्मेलन का आयोजन किया। दोनों ही कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सपत्निक शिरकत की।
इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ब्राह्मण महाकुंभ में भगवान परशुराम जयंती के दिन मध्यप्रदेश में सरकारी छुट्टी को ऐलान भी कर दिया। साथ ही संस्कृत विद्यालय के 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को 8 हजार रुपए, 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को 10 हजार रुपए प्रदान करने की घोषणा भी की। वहीं जिन मंदिरों के पास कृषि भूमि नहीं है, वहां के पुजारियों को 5 हजार रुपए प्रतिमाह देने का ऐलान भी किया।
किरार धाकड़ समाज के सम्मेलन में सीएम ने कहा… पहले आंदोलन पर हुई पिटाई आज भी याद
इधर, दशहरा मैदान में किरार धाकड़ समाज के सम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि जब मैं कक्षा 7 में पढ़ता था, तब मैंने पहला आंदोलन किया था। ये आंदोलन मजदूरों के लिए था। मजदूरी ढाई पाई नहीं, पांच पाई देने के लिए था। उस आंदोलन में मेरी जो पिटाई हुई थी, वह आज तक याद है। उन्होंने कहा कि किरार – धाकड़ समाज में कोई अशिक्षित नहीं रहेगा, हम सब को पढ़ाएंगे। हम लोग मूलत: खेती और बाड़ी के काम में पहले से लगे रहे। जो मुरली बजाते थे, वे हुए मुरलीधर भगवान कृष्ण कन्हैया, लेकिन जो हल को धारण करते थे, वे हलधर हुए धरणीधर, जो हमारे आराध्य हैं। किरार – धाकड़ समाज का हल और बंदूक से करीब का नाता है। खेती से लेकर खेलों तक, शिक्षा से लेकर उद्योग तक, हर क्षेत्र में आज अपने बच्चे सफलता का परचम लहरा रहे हैं। हम लोग अन्न के भंडार भरते हैं, जब जरूरत पड़ती है, तो भारत माता की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। यहां ज्ञात हो कि शिवराज सिंह चौहान किरार महासभा के संरक्षक भी हैं। उनकी पत्नी साधना सिंह किरार महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।
