भोपाल
मध्य प्रदेश में कांग्रेस में फिर से गुटबाजी देखने को मिली है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी भले ही इसे खत्म करने की बात कहते हों लेकिन अब वे खुद निशाने पर आ गए हैं। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी के जाने के बाद भोपाल के कांग्रेस कार्यालय के बाहर पटवारी के खिलाफ पर्चे चिपकाए गए हैं। जिसमें पटवारी और उमंग सिंघार पर सवाल खड़ा किया गया है।
दरअसल, पर्चा में सबसे ऊपर लिखा गया है कि प्रभारी महोदय आपने भगवान महादेव का उदाहरण दिया था। लेकिन, आप यह बात जीतू पटवारी को समझाएं कि, वे उसका पालन करें। पर्चे पर 2 कॉलम बनाए गए हैं। जिसमें एक कॉलम में जीतू पटवारी पर और दूसरे कॉलम में उमंग सिंघार पर सवाल खड़ा किया गया है। जीतू पटवारी के कॉलम में 4 पॉइंट बनाया गया है जबकि सिंघार के कॉलम में एक पॉइंट है।
प्वाइंट वाइज समझते हैं क्या है पूरा मामला
1. उपाध्यक्ष एवं महासचिव सिर्फ दिखावे के हैं परंतु उन पर विश्वास नहीं करते। सारे काम अपने अपने ही साथियों से कराते हैं।
2. सबको साथ लेकर चलने की बात करते हैं लेकिन, किसी पर विश्वास नहीं करते। पुरानी दो-चार लोगों की मंडली युवा कांग्रेस और एनएसयूआई की तरह पीसीसी का संचालन करना चाहती हैं। वरिष्ठ नेताओं से कोई संपर्क नहीं रखते। खासकर के दो लोग।
3. प्रदेश प्रभारी के कल के कार्यक्रम में सबने देखा होगा कि, किस प्रकार मंच संचालन, कार्रवाई की व्यवस्था प्रियव्रत सिंह और संजय कामले दिखाने के लिए कर रहे थे, लेकिन ये लोग कार्यक्रम में नाम मात्र के लिए पुतले की तरह बैठे थे। अंदर से सारा काम विपिन वानखेड़े, कुणाल चौधरी और उनकी पूरी टीम कर रही थी। कमेटियों में न होने के बाद भी ये हर बैठक में उपस्थित रहते हैं।
4. मीडिया अध्यक्ष वरिष्ठ नेता को बना रखा है। लेकिन, सारा काम कोई और कर रहा है। इसी तरह की प्रणाली सभी विभागों में चल रही है।
पर्चे पर उमंग सिंघार पर निशाना साधा गया है
इनके (सिंघार) साथ विधायक तो दिखते हैं। लेकिन, ये राजा साहब (दिग्विजय सिंह) से दूरी बनाए रखते हैं। इनको भी समझना पडे़गा।
बीजेपी प्रवक्ता ने क्या कहा?
दूसरी ओर बीजेपी के प्रवक्ता ने इस पोस्टर को अपने एक्स हैंडल पर शेयर करते हुए लिखा है कि मध्य प्रदेश कांग्रेस की गुटीय लड़ाई अब सड़कों पर। जीतू पटवारी के खिलाफ पर्चा वार। किसी कांग्रेसी ने पटवारी जी के खिलाफ पीसीसी के मुख्य द्वार पर पर्चा चिपकाया और पीसीसी के बाहर भी इस पर्चे का जमकर वितरण करवाया। पर्चे में लिखा है कि कांग्रेस के नये प्रदेश प्रभारी जी, पटवारी जी पीसीसी को युवक कांग्रेस और NSUI की तरह चला रहे है। पदाधिकारी सिर्फ नाम मात्र के। वरिष्ठों को पूछा तक नहीं जाता है। पटवारी जी की कांग्रेस का संगठन सिर्फ़ कागजों में, सरकार बनाना तो भूल जाये। पटवारी जी सही कहते है कि कांग्रेस में गुटबाजी कैंसर है।
