भोपाल। राजधानी के अयोध्यानगर थाना क्षेत्र में देर रात राहगीरों के साथ गाली-गलौज और मारपीट करने वाले चार बदमाशों को पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने इन आरोपियों को छिंदवाड़ा और बैतूल में संभावित ठिकानों पर दबिश देकर दबोचा है। पकड़े गए सभी आरोपी मिनाल रेजीडेंसी जैसी पॉश कॉलोनी के जैसमिन अपार्टमेंट में रह रहे थे और क्षेत्र में देर रात तक हुड़दंग व आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते थे। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना बीते 26 मई की रात करीब 3 बजे की है।
फरियादी अरुण योगी (23 वर्ष) निवासी नरेला शंकरी को उसके भाई तरुण योगी ने फोन कर सूचना दी कि काकड़ा अभिनव होम्स के सामने उसकी कार का पेट्रोल खत्म हो गया है। अरुण जब स्कूटी से पेट्रोल लेकर भाई की मदद करने पहुंचा, तभी दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार युवक वहां पहुंचे और बेवजह गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर बदमाशों ने पास पड़े लकड़ी के डंडों से अरुण पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए उसके भाई तरुण और दोस्त शिवोम को भी बेरहमी से पीटा गया। इस दौरान एक बदमाश ने धारदार हथियार से तरुण पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। पुलिस वैन का सायरन सुनकर आरोपी मौके से भाग निकले थे।

नगरीय क्षेत्र में कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले ऐसे तत्वों के खिलाफ पुलिस कमिश्नर संजय कुमार और एडिशनल सीपी शैलेंद्र सिंह चौहान के सख्त निर्देशों के बाद डीसीपी जोन-2 विकास शाहवाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद आरोपियों की पहचान समीर उर्फ शम्मू आरसे (19), सत्यम धनंजय तिवारी (20), अक्षत डेहरिया उर्फ रौनक (20) (तीनों निवासी छिंदवाड़ा) और शिवम पिंजारे (20) निवासी बैतूल के रूप में की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस अंधे मामले का खुलासा करने में अयोध्यानगर थाना प्रभारी महेश लिल्हारे, उपनिरीक्षक जयवीर सिंह, सुदील देशमुख और उनकी टीम की सराहनीय भूमिका रही।
