भोपाल। मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियों के बीच शुक्रवार को तेज आंधी और बारिश ने कई जिलों में जनजीवन प्रभावित कर दिया। श्योपुर जिले में मौसम के कहर से अलग-अलग हादसों में चार लोगों की मौत हो गई। रजपुरा गांव में तेज हवाओं के कारण एक मकान की दीवार ढह गई, जिससे एक ही परिवार के चार सदस्य मलबे में दब गए। हादसे में भीमा आदिवासी (40), उनकी पत्नी सीमा (38) और पुत्रवधू राजवती (21) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बेटा रिंकू गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए राजस्थान रेफर किया गया है।
श्योपुर में ही तेज आंधी के दौरान एक ऑटो पलट जाने से एक महिला की भी जान चली गई। वहीं डिंडौरी, गुना, मंडला और अन्य जिलों में भी तेज हवाओं और बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। कई स्थानों पर मकानों के टीन शेड उड़कर सड़कों पर आ गिरे। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। छिंदवाड़ा, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सागर और बालाघाट में बिजली गिरने और 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना जताई गई है। वहीं सतना, मैहर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, भिंड, बैतूल, दमोह, जबलपुर और नरसिंहपुर सहित कई जिलों में मौसम के बदले रहने का अनुमान है। गुरुवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश दर्ज की गई।
ग्वालियर में आधा इंच वर्षा हुई, जबकि मंडला, सिवनी और दतिया सहित कई जिलों में बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई। इसके बावजूद कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहा। खजुराहो और नौगांव प्रदेश के सबसे गर्म शहर रहे, जहां अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार में फिलहाल थोड़ी देरी है और इसके 17 से 18 जून के आसपास मध्य प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में पहुंचने की संभावना है। यदि मौसमीय परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो अगले 10 से 15 दिनों में मानसून पूरे प्रदेश को कवर कर सकता है। तब तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियों के चलते आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है।
