भोपाल। जागृत एवं दर्शनीय तीर्थ स्थल दादाजी धाम मंदिर में गुरुवार को ज्येष्ठ माह का प्रथम प्रदोष व्रत अत्यंत श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस वर्ष ज्येष्ठ मास में चार प्रदोष व्रत का विशेष संयोग बन रहा है, जिसके चलते मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। इस पावन अवसर पर भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक किया गया। पंडित श्री राजेंद्र पलिया द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न कराए गए इस अनुष्ठान में श्रद्धालुओं ने महादेव को जल, दुग्ध, बेलपत्र और पुष्प अर्पित किए। उपस्थित भक्तों ने “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का सामूहिक जाप किया, जिससे पूरा मंदिर परिसर शिवमय हो गया।
भक्तों ने भगवान से सुख-समृद्धि, आरोग्य और लोककल्याण की मंगल कामना की। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा और रुद्राभिषेक करने से भक्तों के समस्त कष्टों का निवारण होता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। ज्येष्ठ माह के प्रदोष व्रत को आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष पुण्य फलदायी माना गया है।
श्री श्री 1008 श्री दादाजी गुरुदेव चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष शिवरतन नामदेव ने बताया कि दादाजी धाम मंदिर में नियमित रूप से धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन किए जाते हैं। इनका उद्देश्य समाज में शांति और सेवा भाव का संचार करना है। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त करते हैं।
