भोपाल। राजधानी के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर शुक्रवार को भारतीय गण वार्ता पार्टी (भगवा पार्टी) के बैनर तले वक्फ बोर्ड के विरोध में एक उग्र प्रदर्शन किया गया। ‘वक्फ बोर्ड भारत छोड़ो’ अभियान के तहत आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने बोर्ड ऑफिस चौराहे से डीबी मॉल तक एक रैली निकाली।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने वक्फ बोर्ड की सांकेतिक अर्थी निकालकर उसका पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवाकांत शुक्ला ने वक्फ बोर्ड को भारतीय संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताते हुए कहा कि देश में सिर्फ एक ही संविधान होना चाहिए जो सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू हो। उन्होंने आरोप लगाया कि आपातकाल के दौर में स्थापित की गई इस व्यवस्था की प्रासंगिकता अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है, इसलिए राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को इसे तत्काल प्रभाव से समाप्त कर देना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान शिवाकांत शुक्ला ने देश में वक्फ बोर्ड की लगातार बढ़ती संपत्तियों पर पारदर्शिता की मांग करते हुए कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि यदि इस तरह की समानांतर व्यवस्थाएं जारी रहीं, तो भविष्य में देश के भीतर विभाजनकारी स्थितियां पैदा हो सकती हैं और नई पीढ़ी के सामने “एक नए पाकिस्तान” जैसी चुनौती खड़ी हो सकती है। अपने संबोधन में उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर भी तीखा निशाना साधा और आरोप लगाया कि भाजपा अपनी मूल विचारधारा से भटक चुकी है, जिसके चलते उसकी कथनी और करनी में स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है। संगठन के पदाधिकारियों ने इसे एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन बताते हुए आम जनता से भी इस अभियान में शामिल होने की अपील की है।
