भोपाल। राजधानी भोपाल में सूर्यदेव के तल्ख तेवरों और लगातार बढ़ रहे तापमान ने आम जनजीवन के साथ-साथ स्कूली बच्चों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लू (Heat Wave) और चिलचिलाती धूप के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है।
जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) भोपाल ने जिले के कक्षा नर्सरी से लेकर 8वीं तक के सभी स्कूलों के लिए 30 अप्रैल 2026 तक अवकाश घोषित कर दिया है। यह आदेश कलेक्टर भोपाल के अनुमोदन के बाद तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार द्वारा जारी आदेश (क्रमांक/सामान्य/2026/3319) के अनुसार, यह नियम किसी एक विशेष बोर्ड पर नहीं, बल्कि जिले के सभी शिक्षण संस्थानों पर समान रूप से लागू होगा। इसमें समस्त शासकीय (Government), अशासकीय (Private), अनुदान प्राप्त विद्यालय, सीबीएसई (CBSE) और आईसीएसई (ICSE) संबद्ध स्कूल शामिल हैं। केंद्रीय विद्यालय एवं जवाहर नवोदय विद्यालय पर भी यह आदेश प्रभावी रहेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छोटे बच्चों के लिए गर्मी असहनीय होती जा रही है, जिससे डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया था।
आदेश में एक महत्वपूर्ण बिंदु यह भी है कि अवकाश केवल छात्र-छात्राओं के लिए घोषित किया गया है। विद्यालयीन कार्यों, आगामी सत्र की तैयारियों और प्रशासनिक गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए समस्त शिक्षकों को विद्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। शिक्षकों के लिए कार्यदिवस यथावत रहेंगे और उन्हें निर्धारित समय पर अपनी सेवाएं देनी होंगी। शिक्षा विभाग ने इस आदेश की प्रतिलिपि आयुक्त लोक शिक्षण, संभाग आयुक्त और कलेक्टर सहित सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (फन्दा एवं बैरसिया) को भेज दी है।
विभाग ने सभी प्राचार्यों और प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया है कि वे इस आदेश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। यदि कोई स्कूल इस आदेश के बावजूद कक्षाएं संचालित करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध विभागीय नियमों के तहत कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
तापमान का ग्राफ
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से भोपाल का पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है। दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवाओं ने स्कूली बच्चों, विशेषकर छोटे बच्चों के लिए घर से बाहर निकलना चुनौतीपूर्ण बना दिया है। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने की संभावना जताई है।
