धार। भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद विवाद मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हिंदू पक्ष के वकील के अनुसार अदालत ने भोजशाला परिसर को हिंदू मंदिर माना है। कोर्ट ने जैन समाज और मुस्लिम पक्ष की याचिकाओं को खारिज कर दिया है। यह निर्णय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है, जिस पर अदालत ने भरोसा जताया है। भोजशाला मामले में अदालत के फैसले ने परिसर को देवी वाग्देवी के मंदिर के रूप में मान्यता दी है। धार में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं।
एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने कही ये बात
धार-भोजशाला मामले पर अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि इंदौर उच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 7 अप्रैल, 2003 के एएसआई के आदेश को आंशिक रूप से रद्द कर दिया है। इसके अलावा, न्यायालय ने हिंदू पक्ष को पूजा-अर्चना का अधिकार प्रदान किया है और भोजशाला परिसर को राजा भोज की संपत्ति के रूप में मान्यता दी है।
लंदन के एक संग्रहालय में रखी हमारी मूर्ति को वापस लाने की मांग के संबंध में, न्यायालय ने सरकार को इस अनुरोध पर विचार करने का निर्देश दिया है; न्यायालय ने यह भी कहा है कि मुस्लिम पक्ष भी सरकार के समक्ष अपने विचार रखने के लिए स्वतंत्र है। इसके अतिरिक्त, न्यायालय ने सरकार से मुस्लिम पक्ष को वैकल्पिक भूमि आवंटित करने पर विचार करने को कहा है। न्यायालय ने हमें पूजा-अर्चना करने का अधिकार प्रदान किया है और सरकार को स्थल के प्रबंधन की निगरानी करने का निर्देश दिया है। एएसआई का पिछला आदेश, जिसमें नमाज अदा करने का अधिकार दिया गया था, पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है; अब से वहां केवल हिंदू पूजा-अर्चना ही होगी।
क्या बोले शहर काजी
धार भोजशाला मामले के फैसले पर धार शहर के काज़ी वकार सादिक ने कहा कि हम अपने खिलाफ दिए गए फैसले की समीक्षा करेंगे। हम इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।
कोर्ट ने भोजशाला को मंदिर माना- वकील
भोजशाला विवाद पर फैसले को लेकर हिंदू पक्षके वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया- “कोर्ट ने भोजशाला को राजा भोज का मंदिर माना है। कोर्ट ने हमें पूजा का अधिकार दिया है। मुस्लिम पक्ष अलग ज़मीन की मांग कर सकता है। ऑलटरनेट लैंड के लिए सरकार को मांग कर सकते हैं।” विष्णु शंकर जैन ने आगे बताया कि इंदौर हाइकोर्ट ने हिंदू समाज का पूजा पाठ का अधिकार दिया है। ASI की रिपोर्ट पर हाइ कोर्ट ने भरोसा दिलाया। हाई कोर्ट ने भोजशाला को मंदिर माना है। उसके स्वरूप को हिंदु मंदिर माना है। अब वहां पर सिर्फ पूजा होगी। आज आखिरी नमाज हुई है।
धार जिले में कड़ी सुरक्षा
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बैंच में इस मामले पर साल 2022 में याचिका आई थी। पिछले महीने 6 अप्रैल से लगातार सुनवाई के बाद 12 मई को हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। वहीं, कोर्ट ने आज शुक्रवार 15 मई को मामले में अपना फैसला सुना दिया है।
बता दें कि इस फैसले से पहले धार जिले में धारा 163 लागू कर दी गई थी। इसके साथ ही 5 से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी लगा दी गई है और किसी भी तरह के धरना प्रदर्शन और जुलूस पर भी रोक लगाई गई है। मध्य प्रदेश पुलिस सोशल मीडिया पर किसी भी तरह के भड़काऊ कमेंट डालने वालों की सख्त मॉनिटरिंग कर रही है। इसके साथ ही पेट्रोल-डीजल की बोतल में बिक्री पर भी कड़ी निगाह रखी जा रही है। ऐसा करने वालों के खिलाफ एक्शन की तैयारी चल रही है।
