भोपाल। राजधानी में घरेलू रसोई गैस चोरी और अवैध रिफिलिंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कलेक्टोरेट के सामने जांच के दौरान खाद्य विभाग की टीम ने एक ऐसे संदिग्ध वाहन को पकड़ा है, जिस पर ‘ऑन आर्मी ड्यूटी’ का स्टीकर लगा हुआ था। जांच में इस वाहन के भीतर रखे सिलेंडरों में दो से तीन किलो तक गैस कम पाई गई, जिससे बड़े स्तर पर गैस चोरी और ट्रांसफरिंग (एक सिलेंडर से दूसरे में गैस भरना) की आशंका जताई जा रही है।
जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार, सहायक आपूर्ति अधिकारी संदीप भार्गव की टीम ने जब इस वाहन को रोककर तलाशी ली, तो उसमें 9 भरे और 9 खाली सिलेंडर मिले। वाहन चालक देवेंद्र मेवाड़ा ने पूछताछ में बताया कि यह गाड़ी मिलिट्री स्टेशन गैस एजेंसी की है। हालांकि, जांच में 9 भरे सिलेंडरों में से केवल 5 की ही वैध रसीदें (पर्चियां) मिलीं, बाकी का कोई हिसाब नहीं दिया जा सका। जब टीम ने सिलेंडरों का वजन कराया, तो उनमें गैस की मात्रा काफी कम निकली।
प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वाहन और सभी 18 सिलेंडरों को जब्त कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि गैस ट्रांसफरिंग का यह खेल न केवल उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी अत्यंत खतरनाक है। रिफिलिंग के दौरान मामूली लापरवाही भी बड़े विस्फोट या भीषण आग का कारण बन सकती है। इस पूरे प्रकरण को अब आगामी कार्रवाई के लिए एडीएम (ADM) कोर्ट में पेश किया जाएगा। प्रशासन इस मामले में गुरुवार को भी अपनी जांच और कार्रवाई जारी रखेगा।
