सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में बाघ के हमले की दो अलग-अलग घटनाओं में दो आदिवासी महिलाओं की मौत हो गई। एक ही दिन में हुई इन घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से बाघों की गतिविधियां बढ़ रही हैं, लेकिन वन विभाग पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं कर पाया। घटनाओं के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
जंगल किनारे महिला पर अचानक हमला
पहली घटना सिवनी दक्षिण वन मंडल के कुरई वन परिक्षेत्र अंतर्गत जिलापुर गांव की है। जानकारी के अनुसार शांति बाई कुमरे जंगल से लगे क्षेत्र में मौजूद थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे बाघ ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमला इतना तेज था कि महिला को संभलने का मौका तक नहीं मिला और गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
खेत में काम कर रही महिला को भी बनाया शिकार
दूसरी घटना वन विकास निगम के बरघाट प्रोजेक्ट अंतर्गत बीजा टोला गांव में हुई। यहां शिववती मार्सकोले खेत में काम कर रही थीं। इसी दौरान बाघ ने उन पर हमला कर दिया। आसपास मौजूद लोगों को जब तक घटना की जानकारी लगी, तब तक महिला की मौत हो चुकी थी। इस घटना के बाद पूरे गांव में भय का माहौल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अब खेतों में काम करने और जंगल से लगे इलाकों में जाने से भी डर लगने लगा है।
वन विभाग के खिलाफ फूटा गुस्सा
लगातार दो महिलाओं की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा वन विभाग पर फूट पड़ा। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बाघों की मौजूदगी और गतिविधियों की जानकारी विभाग को पहले से थी, इसके बावजूद सुरक्षा और निगरानी के पर्याप्त उपाय नहीं किए गए। ग्रामीणों ने मांग की है कि बाघ की लगातार निगरानी की जाए, संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाई जाए और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं।
विभाग ने जारी किया अलर्ट
घटनाओं की जानकारी मिलते ही वन विभाग और वन विकास निगम का अमला दोनों स्थानों पर पहुंचा। अधिकारियों ने घटनास्थलों का निरीक्षण कर पंचनामा कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही मृतकों के परिजनों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
वन विभाग ने आसपास के गांवों में अलर्ट जारी करते हुए लोगों से जंगल और उससे लगे क्षेत्रों में अकेले न जाने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। एक ही दिन में दो महिलाओं की मौत ने सिवनी जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर स्थिति को फिर उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।
