- चेकिंग के दौरान बसों में एक्सपायरी डेट के फायर एक्सटिंग्विशर
- खराब स्पीड गवर्नर और जाम इमरजेंसी विंडो मिलीं
भोपाल। राजधानी में यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले निजी बस ऑपरेटरों के खिलाफ परिवहन विभाग ने शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। परिवहन आयुक्त के सख्त निर्देशों पर क्षेत्रीय परिवहन फ्लाइंग स्क्वाड भोपाल और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के अलग-अलग रूटों पर अचानक चेकिंग अभियान चलाया। इस औचक निरीक्षण के दौरान बसों में सुरक्षा मानकों की गंभीर कमियां पाए जाने पर दो यात्री बसों के फिटनेस सर्टिफिकेट तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए, जबकि 12 अन्य बसों से मोटा जुर्माना वसूला गया।
इन दो बसों के फिटनेस हुए निरस्त, मिलीं ये गंभीर कमियां
जांच टीम के अनुसार, बस क्रमांक MP 04 PA 7774 में आग बुझाने वाला यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) एक्सपायरी डेट का पाया गया। इसके अलावा गाड़ी का स्पीड गवर्नर (गति नियंत्रक) काम नहीं कर रहा था और आपातकालीन खिड़की (इमरजेंसी एक्जिट) भी पूरी तरह जाम थी, जो जरूरत पड़ने पर आसानी से नहीं खुल सकती थी।
इसी तरह, बस क्रमांक MP 39 P 0510 में आग से निपटने के लिए कोई भी फायर उपकरण मौके पर मौजूद नहीं मिला। इन गंभीर लापरवाहियों को देखते हुए विभाग ने दोनों बसों के फिटनेस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए।
12 बसों पर चालानी कार्रवाई, ₹1.44 लाख का राजस्व वसूला
चेकिंग के दौरान टीम ने अन्य यात्री वाहनों को भी रोककर जांच की। इनमें से 12 बसों में मोटर यान अधिनियम 1988 की विभिन्न धाराओं का उल्लंघन पाया गया। किसी बस में ओवरलोडिंग की समस्या थी, तो किसी के पास वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। संयुक्त टीम ने इन सभी 12 बसों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए समन शुल्क के रूप में 1 लाख 44 हजार रुपये का राजस्व वसूल किया।
नियमों का पालन करना जरूरी
परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों के सफर को सुरक्षित बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बसों में पैनिक बटन, चालू स्पीड गवर्नर, वर्किंग इमरजेंसी विंडो और वैध फायर सेफ्टी उपकरण होना अनिवार्य है। इस तरह का संयुक्त चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा और लापरवाही मिलने पर आगे भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
