भोपाल। बहुचर्चित एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की बड़ी कार्रवाई के बाद, मध्य प्रदेश की पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह एक बार फिर सुर्खियों में आ गई हैं। शुक्रवार को सीबीआई ने कड़ी सुरक्षा के बीच पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को विशेष अदालत में पेश किया।
जांच एजेंसी द्वारा दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ के लिए पांच-पांच दिन की पुलिस रिमांड मांगी गई थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद अब पूर्व जज गिरिबाला सिंह के न्यायिक करियर के आखिरी और विवादित फैसले की भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह फैसला भोपाल के तलैया थाना क्षेत्र के चर्चित ‘फैज कुरैशी हत्याकांड’ से जुड़ा था, जिसमें 13 फरवरी 2023 को फैसला सुनाते हुए गिरिबाला सिंह की अदालत ने मुख्य आरोपी शफीक कुरैशी को ‘संदेह का लाभ’ देते हुए बरी कर दिया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि अभियोजन पक्ष हत्या का आरोप संदेह से परे साबित नहीं कर सका, क्योंकि प्रत्यक्षदर्शी गवाह अदालत में अपने बयानों से मुकर गए थे और वैज्ञानिक साक्ष्य व एफएसएल रिपोर्ट भी आरोपी की संलिप्तता को स्पष्ट रूप से प्रमाणित नहीं कर पाई थी।
विदित हो कि 25 जुलाई 2021 की रात तलैया क्षेत्र में ईदगाह स्कूल ग्राउंड के पास फैज कुरैशी पर चाकू से हमला कर उसकी हत्या की गई थी। हालांकि, सुनवाई के दौरान प्रमुख चश्मदीद गवाह अमान, अफसान, जीशान और समीर अदालत में पलट गए, जिसके कारण न्यायालय ने माना कि केवल पुलिस अधिकारियों के बयानों पर सजा नहीं दी जा सकती। अब जब पूर्व जज खुद सीबीआई की गिरफ्त में हैं, तो उनके पुराने फैसलों को भी संदेह की नजर से देखा जा रहा है।
इधर, 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स में संदिग्ध परिस्थितियों में जान गंवाने वाली ट्विशा शर्मा के मामले में कानूनी प्रक्रियाएं तेजी से बदल रही हैं। पूर्व जज की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विशेष प्रक्रिया अपनाते हुए इसकी सूचना प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को दी है। हालांकि, भोपाल में मर्डर केस जैसे अपराधों के लिए कोई पृथक सीबीआई कोर्ट अधिसूचित न होने के कारण, इस मामले का मुख्य ट्रायल किस अदालत में चलेगा, इसे लेकर कानूनी मंथन अभी जारी है।
