भोपाल। राजधानी के कटारा हिल्स क्षेत्र में सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की पुत्रवधू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में परिजनों ने गुरुवार को महिला थाने पहुंचकर भारी हंगामा किया। मृतका के मायके पक्ष ने पुलिस प्रशासन पर रसूख के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए पिछले 24 घंटे की कार्रवाई का विवरण मांगा है। परिजनों का आरोप है कि पति समर्थ सिंह ने न केवल ट्विशा की हत्या की, बल्कि साक्ष्यों को मिटाने का प्रयास भी किया है।
ट्विशा की बहन प्रियंका ने दावा किया कि मौत के बाद समर्थ और उसकी माँ अस्पताल में शव छोड़कर करीब एक घंटे तक गायब रहे, जिस दौरान उन्होंने घर जाकर सबूतों के साथ छेड़छाड़ की। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे इंसाफ की गुहार लेकर थाने पहुंचे, तो पुलिस ने गेट बंद कर उनके साथ बदसलूकी की, हालांकि थाना प्रभारी ने सीसीटीवी कैमरों का हवाला देते हुए इन आरोपों को निराधार बताया है। नोएडा की रहने वाली 31 वर्षीय ट्विशा की शादी 12 दिसंबर 2025 को भोपाल के वकील समर्थ शर्मा से हुई थी। मृतका के भाई, मेजर हर्षित शर्मा के अनुसार, शादी के शुरुआती दिनों के बाद ट्विशा को “नाकारा” कहकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा था क्योंकि उसने भोपाल में रहने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी थी।
मंगलवार रात को हुई इस घटना से पहले ट्विशा ने फोन पर अपने भाई को पिछले आठ दिनों से हो रहे उत्पीड़न की जानकारी दी थी और वह वापस नोएडा लौटने के लिए रिजर्वेशन भी करा चुकी थी। दूसरी ओर, ससुराल पक्ष की ओर से पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने दावों को नकारते हुए कहा कि ट्विशा मनोवैज्ञानिक उपचार ले रही थी और वह अक्सर छत पर जाकर फोन पर बात करती थी, जहाँ वह व्यायाम वाले रबर के सहारे फंदे से लटकी पाई गई। फिलहाल, नवविवाहिता की मौत का मामला होने के कारण केस डायरी एसीपी को सौंप दी गई है और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
