Wednesday , October 21 2020

दिसंबर तक आधा पर्सेंट महंगा हो सकता है लोन

मुंबई

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) इंडोनेशिया या अर्जेंटीना जैसे उभरते बाजारों के सेंट्रल बैंक की तरह बदहवास नहीं है। हालांकि बाजार के हालात की वजह से वह पॉलिसी रेट में 50 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी करने पर मजबूर हो सकता है। डेरिवेटिव ट्रेडर्स ने यह बात कही है। दरअसल, ओवरनाइट इंट्रेस्ट रेट स्वाप (OIS) तेजी से बढ़ता हुआ लगभग तीन साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। OIS एक पैमाना है, जिसके हिसाब से इन्वेस्टर्स फिक्स्ड रेट को फ्लोटिंग रेट से एक्सचेंज करते हैं। यह बताता है कि अक्टूबर से दिसंबर के बीच लगातार दो पॉलिसी मीट में आरबीआई ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है।

एक साल की मच्योरिटी वाला यह पैमाना 7.30% पर पहुंच चुका है, जो लगभग तीन साल में सबसे अधिक है। पिछले तीन-चार हफ्तों में ही इसमें 35 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हुई है। इस पर फेडरल बैंक के एग्जिक्युटिव डायरेक्टर और सीएफओ आशुतोष खजूरिया ने कहा, ‘इससे रुपये में आ रही तेज गिरावट के चलते रेट हाइक का संकेत मिल रहा है। इंट्रेस्ट रेट बढ़ने पर इंडियन डेट पेपर्स में ग्लोबल इन्वेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ेगी और फॉरन इनफ्लो बढ़ेगा। फॉरेक्स रिजर्व, जीडीपी या फिस्कल डेफिसिट जैसे मैक्रो पैरामीटर पर भारत की तुलना तुर्की और अर्जेंटीना से नहीं की जा सकती।’

गुरुवार को डॉलर के मुकाबले इंडियन करंसी लगातार आठवें दिन गिरावट के साथ 72.11 रुपये के सबसे निचले स्तर पर आ गई थी, लेकिन कारोबार बंद होने पर कुछ रिकवरी के साथ यह 71.99 के लेवल पर रहा। 10 साल के बेंचमार्क सरकारी बॉन्ड की यील्ड गुरुवार को मामूली बढ़त के साथ 8.06% पर रही। अर्जेंटीना के सेंट्रल बैंक ने देश में 31% से ज्यादा की महंगाई दर को काबू में करने के लिए जो कदम उठाए हैं उससे वहां इंट्रेस्ट रेट 60% पर पहुंच गया है।

तुर्की और अर्जेंटीना की करंसी इमर्जिंग मार्केट्स में सबसे खराब परफॉर्मेंस करने वाली करंसी हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स के डॉलर सपोर्टेड ऐसेट्स की तरफ भागने से इन दोनों देशों की करंसी में गिरावट का दबाव दुनियाभर के देशों में फैल गया है। IDFC म्यूचुअल फंड के फिक्स्ड इनकम हेड सुयश चौधरी कहते हैं, ‘रुपये में आई तेज गिरावट से इंटरेस्ट रेट हाइक के आसार बढ़ गए हैं।’ लोकल करंसी की वैल्यू में आ रही गिरावट के चलते सिस्टम में कैश की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे महंगाई बढ़ने का डर पैदा होगा। यह मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी के फैसले को प्रभावित करने वाला अहम फैक्टर है।

सुयश कहते हैं, ‘मनी मार्केट एक के बाद एक होने वाले अगले दो पॉलिसी रिव्यू में कम से कम 50 बेसिस पॉइंट्स का रेट हाइक हो सकता है।’ आर्थिक समृद्धि में वृद्धि होने के संकेतों के बीच इस साल जून में जीडीपी ग्रोथ रेट 8.2% रहा, जो पिछले दो साल में सबसे ज्यादा है। पीएनबी गिल्ट्स के एग्जिक्युटिव वाइस प्रेजिडेंट, फिक्स्ड इनकम, विजय शर्मा ने कहा, ‘स्ट्रॉन्ग जीडीपी और कमजोर रुपये को देखते हुए आरबीआई नपे-तुले अंदाज में रेट हाइक कर सकता है।’

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

जियो ने की 5G की सफल टेस्टिंग, भारत में जल्द 1 Gbps स्पीड मिलने की बढ़ी उम्मीद

नई दिल्ली अमेरिकी टेक्नॉलजी फर्म क्वालकॉम के साथ मिलकर रिलायंस जियो ने अमेरिका में अपनी …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)
Do NOT follow this link or you will be banned from the site!