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वेनेजुएला : यहां इतनी महंगाई कि 4 लाख में जूते की मरम्मत

नई दिल्ली

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में महंगाई आसामान छू रही है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने आशंका जताई है कि इस वर्ष के आखिर तक महंगाई दर 10 लाख प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। इस आशंका की बड़ी वजह यह है कि वेनेजुएला की सरकार धड़ाधड़ नोट छाप रही है ताकि बजट को पूरा किया जा सके। इसके असर का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वेनेजुएला में एक यूनिवर्सिटी प्रफेसर को अपना पुराना जूता मरम्मत करवाने के लिए चार महीने की सैलरी के बराबर 20 अरब बोलिवर (करीब 4 लाख रुपये) देने पड़े।

इंटरनैशनल मॉनेटरी फंड में पश्चिमी गोलार्ध विभाग के अध्यक्ष अलेजांड्रो वर्नर ने वेनेजुएला की इस आसमान छूती मंहगाई की तुलना 1923 में जर्मनी या 2000 के दशक के आखिर में जिंबाब्वे की महंगाई से की है। उन्होंने 2018 में वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था 18% घटने का अनुमान जताया। तेल उत्पादन में जारी गिरावट की वजह से लगातार तीसरे वर्ष वहां की इकॉनमी दोहरे अंकों में घटनेवाली है।

वर्नर ने एक ब्लॉग में लिखा, ‘आर्थिक गतिविधियों में गिरावट, आसमान छूती महंगाई (हाइपर इन्फ्लेशन) और सार्वजनिक वस्तुओं के प्रावधानों में लगातार बढ़ती गड़बड़ी के साथ-साथ सब्सिडी वाले अनाज की कमी से बड़ी तादाद में विस्थापन हो रहा है जिसका पड़ोसी देशों पर गहरा असर होगा।’ वेनेजुएला में अप्रैल महीने में महंगाई 234 प्रतिशत की नई ऊंचाई पर पहुंच गई थी। इसका मतलब है कि वहां हर साढ़े सतरहवें दिन कीमतें दोगुनी हो रही है।

एक तरफ सैकड़ों-हजारों नागरिक भूख और बढ़ती कीमतों से तबाह होकर देश छोड़ रहे हैं तो दूसरी तरफ प्रेजिडेंट निकोलस मदुरो का कहना है कि देश और विदेशों में उनके राजनीतिक विरोधियों द्वारा छेड़े गए ‘आर्थिक युद्ध’ की वजह से यह संकट खड़ा हुआ है।

  • ये हैं वेनेजुएला के हालात
  • वेनेजुएला के कुल निर्यात में 96% हिस्सेदारी अकेले तेल की है। तेल की गिरती कीमतों की वजह से वहां की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। चार साल पहले तेल की कीमत पिछले 30 साल के सबसे निचले स्तर पर आ गई थी।
  • वित्तीय संकट की वजह से सरकार लगातार नोट छाप रही है जिससे हाइपर इन्फ्लेशन की स्थिति पैदा हो गई और वहां की मुद्रा बोलीवर की कीमत लगातार घट रही है।
  • हालत यह है कि 1 डॉलर 35 लाख बोलिवर की कीमत के बराबर हो गया है।
  • मई 2018 में 13 लाख के न्यूनतम मासिक वेतन से सिर्फ दो लीटर दूध, चार केन ट्यूना और एक ब्रेड मिल रहा था।
  • अभी एक 59 लाख बोलिवर की सैलरी ले रहे प्रफेसर के हाथ में सिर्फ 1.70 डॉलर ही आ रहा है।
  • वेनेजुएला की एक यूनिवर्सिटी के प्रफेसर जोस इबारा को अपने पुराने जूते की मरम्मत करवाने में चार महीने की सैलरी (20 अरब बोलिवर यानी करीब 4 लाख रुपये) देनी पड़ी।
  • नाई बाल काटने के एवज में अंडे और केले ले रहे हैं।
  • कैब सर्विस लेने के लिए सिगरेट का डब्बा देना पड़ रहा है।
  • रेस्ट्रॉन्ट खाना खिलाने के बदले पेपर नैपकिन ले रहा है।
  • अनाज, दूध, दवाइयों और बिजली का घोर अभाव है।
  • बेरोजगारी बढ़ने के अपराध में तेजी से इजाफा हो रहा है।
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