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AAP कोला: मोदी के मंत्र से बदला टेस्ट, डिमांड बढ़ी

नई दिल्ली

साढ़े तीन साल पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में स्पॉन्सरशिप से चर्चा में आया लोकल बेवरेज ब्रैंड AAP कोला ने पार्टी की तरह ही कई उतार-चढ़ावों के बावजूद लोकल दिल्ली मार्केट में अपनी डिमांड कायम रखी है। बेवरेज कंपनी आप पार्टी से किसी भी तरह के जुड़ाव से इनकार करती है, लेकिन उसने अपना स्लोगन ‘ड्रिंक ऐंड फाइट अगेंस्ट करप्शन’ रखा है और पार्टी वोटर्स की लॉयल्टी भुनाने की कोशिश करती रही है।

इसे बनाने वाली एसबीएस प्रिंस बेवरेज लिमिटेड के डायरेक्टर यश टेकवानी ने कहा, ‘आप पार्टी से हमारा कोई वास्ता नहीं है, लेकिन उसके समर्थकों के बीच हमारी लोकप्रियता कायम है और पार्टी के जनाधार के साथ हमारी डिमांड भी बढ़ती रही है। पिछले तीन साल में इस ब्रैंड ने लेबर क्लास, माइनॉरिटीज और पिछड़े वर्गों में अच्छी ग्रोथ दिखाई है।’ उन्होंने कहा कि फरवरी 2015 के मुकाबले इस ब्रैंड की बिक्री में इजाफा हुआ है। कई बार पार्टी समारोहों और रैलियों में इसकी बड़ी डिमांड भी आ जाती है, हालांकि कंपनी का जोर इसे स्वतंत्र ब्रैंड के रूप में ही प्रमोट करने पर है।

मोदी मंत्र का फायदा
आप कोला ने केजरीवाल की पार्टी से नाम और स्लोगन भले ही लिया है, लेकिन मोदी सरकार के हालिया निर्देशों और कानूनी बदलावों से भी सबक लिया है। इसने जीएसटी और फूड सेफ्टी ऐक्ट के मुताबिक इनग्रेडिएंट और टेस्ट में बदलाव किए हैं।

टेकवानी ने कहा, ‘मोदीजी के आह्वान पर हमने इसमें फ्रूट जूस की मात्रा बढ़ा दी। यह हमें बड़े कोला ब्रैंड्स के सामने देसी और हेल्दी पहचान दिलाता है और अपने कस्टमर्स के नजदीक लाता है।’ मोदी ने 2016 में बेवरेज कंपनियों से हर ब्रैंड में कम से 5 पर्सेंट फ्रूट जूस डालने का आह्वान किया था। 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से आप कोला जैसे लोकल ब्रैंड्स के सामने 40% जीएसटी रेट की चुनौती आ खड़ी हुई, लेकिन इन ब्रैंड्स ने फ्रूट जूस की मात्रा 10% से ज्यादा कर 12% जीएसटी स्लैब में रखे जाने की कोशिश की है।

कंपनी आप कोला के चारों फ्लेवर ऑरेंज, लेमन, कोला और सरप्राइज को प्रमोट करने में जुटी है और उसे आने वाले समय में चुनावी सरगर्मियों का फायदा मिलने की भी उम्मीद है। पिछले चुनावों के दौरान आप की रैलियों और बैठकों के दौरान लोग इसे हाथोंहाथ खरीदते दिखे।

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