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SEBI की बैठक में ताबड़तोड़ फैसले, बदले शेयर बाजार में निवेश के नियम

डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होने से और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से लोग परेशान हैं. हालात को काबू में करने के लिए कई स्तर पर एक साथ कदम उठाए जा रहे हैं. एक तरफ सोमवार को सरकार ने देश के तीन बड़े बैंकों के विलय का ऐलान किया. वहीं पूंजी बाजार नियामक सेबी ने भी मंगलवार को कई बड़े फैसले लिए.

IPO लिस्टिंग में बदलाव
SEBI बोर्ड की बैठक में फैसला लिया गया कि अब तीन दिन में आईपीओ की लिस्टिंग होगी. इससे पहले ये 6 दिन में होती थी. इसके अलावा कमोडिटी में विदेशी निवेश को मंजूरी दे दी गई है. कॉरपोरेट बॉन्ड के जरिए 25 फीसदी कर्ज ले सकते हैं.

कमोडिटी ट्रेडिंग में विदेशी निवेशकों की एंट्री
साथ ही सेबी ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के लिए अपने ग्राहक को जानो (केवाईसी) के नए नियमों, मामलों के निपटान के लिये नई रूपरेखा सहित कुछ अन्य प्रस्तावों को मंजूरी दे दी. सेबी के चेयरमैन अजय त्यागी ने कहा की निदेशक मंडल ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिये केवाईसी के नये नियमों को मंजूरी दे दी, इसके नये दिशानिर्देश जल्द ही जारी कर दिए जाएंगे.

सेबी ने विदेशी निवेशकों को जिंस वायदा बाजार में निवेश की अनुमति देने वाले प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है. हालांकि, उन्हें कुछ संवेदनशील जिंसों में निवेश की अनुमति नहीं होगी.

घरेलू बाजारों में कारोबार करने के लिए विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए पंजीकरण का एक साझा आवेदन फार्म रखने को भी बोर्ड की मंजूरी मिल गई है. त्यागी ने बताया कि बोर्ड ने कंपनियों के लिये सूचीबद्धता समाप्त करने के नियमनों में संशोधन को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही जिंस वायदा सौंदों के मामले में क्लीयरिंग हाउसों के बीच आंतरिक संचालन और कोष प्रबंधकों के कुल खर्च की गणना के लिए नई पद्धति को भी मंजूरी दे दी गई

म्यूचुअल फंड में निवेश हुआ और आसान
सेबी ने म्यूचुअल फंड कोषों द्वारा निवेशकों से ली जाने वाली फीस के ढांचे में भी भारी बदलाव का फैसला किया है. बाजार नियामक ने म्यूचुअल फंड में निवेश पर आने वाले खर्च को 2.25 प्रतिशत तक सीमित रखने का फैसला किया है.

किसानों को लाभ पहुंचाना मकसद
अजय त्यागी ने कहा कि सरकार, सेबी और एक्सचेंज कृषि जिंस वायदा कारोबार को प्रोत्साहन के लिये कई कदम उठा रहे हैं. यह इस मकसद से किया जा रहा है कि कृषि जिंस वायदा कारोबार का लाभ किसानों, किसानों के उत्पादक संगठनों तक पहुंच सके. सेबी ने किसानों की सुविधा के लिए कृषि जिंस वायदा कारोबार पर प्रति एक्सचेंज एक लाख रुपये की समान दर से शुल्क तय किया है.

सेबी बोर्ड की बैठक के बाद अजय त्यागी ने कहा कि म्यूचुअल फंड के मामले में अधिकतम कुल खर्च अनुपात के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. म्यूचुअल फंड अपने निवेशकों से उनके धन का प्रबंध करने के लिये जो फीस लेते हैं वह निश्चित अवधि में बंद होने वाली इक्विटी योजना के लिये 1.25 प्रतिशत तक और शेयर निवेश योजनाओं के अलावा अन्य के लिए एक प्रतिशत तक होगी.

ट्रेडिंग के समय में फिलहाल बदलाव नहीं
सेबी के चेयरमैन अजय त्यागी ने बोर्ड बैठक के बाद बताया कि शेयर बाजार में ट्रेडिंग के समय को बढ़ाने पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि इक्विटी डेरिवेटिव के लिए एक अक्टूबर की तारीख से ट्रेडिंग का समय बढ़ाने का प्रस्ताव था. इसके अलावा IPO के लिए UPI से पेमेंट को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है.

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