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TV मार्केट में प्राइस वॉर तेज होने से फायदे में कंज्यूमर

कोलकाता

देश के टेलिविजन मार्केट में इस समय एक जोरदार लड़ाई देखने को मिल रही है। यह काफी कुछ स्मार्टफोन मार्केट में होने वाली लड़ाई जैसी है। इस समय टेलिविजन मार्केट में करीब 70 से ज्यादा कंपनियां एक-दूसरे से मुकाबला कर रही हैं, जिससे प्राइस वॉर काफी तेज हो गया है। अभी दो साल पहले तक देश में इसकी आधी संख्या में टीवी कंपनियां थीं। प्राइस वॉर के चलते टीवी की कीमतों में औसतन 40 पर्सेंट गिरावट आई है। खास बात यह है कि आने वाले समय में इस मार्केट में और मैन्युफैक्चरर्स के उतरने की उम्मीद है। ऐसे में प्राइस वॉर में अभी और तेजी देखने को मिल सकती है।

टीवी मार्केट में चल रहे प्राइस वॉर को इन उदाहरणों से समझा जा सकता है। साल 2016 में 32 इंच एचडी रेडी टेलिविजन की कीमत 13,500 रुपये थी। आज इसी कीमत में कंज्यूमर्स को इसी साइज में स्मार्ट और फुल एचडी टीवी सेट मिल रहा है। 2016 में इसी स्पेसिफिकेशन के साथ टीवी खरीदने के लिए कस्टमर्स को 28,000 से 29,000 रुपये तक कीमत चुकानी पड़ती थी। आज 43 इंच साइज का स्मार्ट 4K TV सेट 30,000 रुपये में बिक रहा है, जो दो साल पहले 45,000-50,000 रुपये का हुआ करता था। इसके अलावा 55 इंच के 4K स्मार्ट TV के लिए आज कंज्यूमर्स 45,000 से 55,000 रुपये चुका रहे हैं, जिसकी सिर्फ 2 साल पहले तक कीमत 70,000 से 80,000 रुपये थी।

शाओमी, थॉमसन और टीसीएल जैसी कंपनियां इस प्राइस वॉर से मार्केट लीडर सैमसंग एलजी और सोनी के मार्केट शेयर में सेंध लगा रही हैं। चार ऑनलाइन टीवी ब्रैंड्स के एग्जिक्यूटिव ने बताया कि कंपनियों की तरफ से ऑनलाइन एक्सक्लूसिव डील में बढ़ोतरी और 50 से 55 इंच के लार्ज स्क्रीन साइज सेगमेंट में मार्केट शेयर बढ़ाने पर कंपनियों के फोकस से आने वाले समय में इनकी कीमतों में और गिरावट आने की उम्मीद है। सुपर प्लास्ट्रोनिक्स के सीईओ अवनीत सिंह मारवाह ने बताया, ‘देश के टीवी मार्केट में कई ऑनलाइन कंपनियों ने एंट्री की है जो 24 इंच, 32 इंच और 43 इंच के स्क्रीन साइज वाले टीवी के प्राइस वॉर की अगुआई कर रही हैं। अब यह प्राइस वॉर बड़े स्क्रीन साइज वाले टीवी के लिए भी शुरू हो गया है।’ सुपर प्लास्ट्रोनिक्स के पास देश में थॉमसन और कोडक टीवी ब्रांड्स बेचने का लाइसेंस है।

इन टीवी कंपनियों ने चीन के स्मार्टफोन ब्रैंड्स की रणनीति अपनाई है, जिन्होंने अपनी आक्रामक प्राइसिंग और बेहतरीन फीचर वाले फोन ऑफर कर सैमसंग और माइक्रोमैक्स से मार्केट शेयर हथिया लिया। ऑनलाइन एक्सक्लूसिव बीपीएल के सीओओ मनमोहन गणेश ने कहा कि पिछले दो सालों में 32 और 43 इंच साइज के टीवी की कीमतों में गिरावट की एक मुख्य वजह इसकी जरूरत से ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग भी है। फिलहाल सैमसंग, एलजी और सोनी के पास देश के टीवी मार्केट का कुल 70 पर्सेंट मार्केट शेयर है।

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