Tuesday , September 22 2020

डीलर्स की ऑटो कंपनियों से गाड़ियों का स्टॉक घटाने की अपील

नई दिल्ली

देश में गाड़ियों का स्टॉक बढ़ रहा है। इसे देखते हुए ऑटोमोबाइल डीलर्स ने कंपनियों से प्रॉडक्शन और गाड़ियों के स्टॉक को घटाने की अपील की है। पिछले कुछ महीनों में कमजोर मांग के कारण डीलरशिप लेवल पर गाड़ियों का स्टॉक बढ़ा है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) ने बताया कि अभी 50-60 दिनों का पैसेंजर वीइकल का स्टॉक है। टू-वीलर्स के मामले में तो यह 80-90 दिनों तक पहुंच गया है। कमर्शल वीइकल की इनवेंटरी भी 45-50 दिनों की है।

फेडरेशन के अध्यक्ष आशीष काले ने बताया, ‘टू-वीलर्स का स्टॉक खतरनाक लेवल पर पहुंच गया है। कुछ क्षेत्रों में तो डीलरशिप लेवल पर स्टॉक 100 दिनों का हो गया है।’ उन्होंने कहा कि पहले हमने कभी इनवेंटरी इतने ऊंचे स्तर पर पहुंचने की बात नहीं सुनी थी। हाल में कई वजहों से डीलरों की लागत बढ़ी है। उन्हें अधिक वर्किंग कैपिटल जुटाना पड़ रहा है। वह भी ऐसे दौर में, जब सिस्टम में कैश की कमी है। ऐसी स्थिति में गाड़ियों का बड़ा स्टॉक मेनटेन करने से उनका खर्च बढ़ रहा है और मांग अभी भी कमजोर बनी हुई है। काले ने बताया कि इस स्थिति में डीलर मार्च और अप्रैल में अपनी इनवेंटरी घटाना चाहते हैं।

रिटेल लेवल पर मांग कम
पिछले महीने गाड़ियों की मांग रिटेल लेवल पर कम हो गई थी। कैश की कमी के चलते ब्याज दरों में बढ़ोतरी के चलते लोगों ने गाड़ियां खरीदना बंद कर दिया था। एफएडीए के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी में पैसेंजर वीइकल का रजिस्ट्रेशन 8.25 पर्सेंट कम होकर 2,15,276 यूनिट्स रह गया था। कमर्शल वीइकल का रजिस्ट्रेशन भी 7.08 पर्सेंट की गिरावट के साथ 61,134 यूनिट्स पर आ गया था। उधर, टू-वीलर्स का रजिस्ट्रेशन 7.97 पर्सेंट की गिरावट के साथ 11,25405 यूनिट्स रहा था।

काले ने बताया, ‘जनवरी में पैसेंजर वीइलक की बिक्री बढ़ी थी। उसकी वजह पिछले साल के मॉडल की महीने के अंत में कम दाम पर बिक्री थी। कुछ नए लॉन्च भी हुए थे, जिनसे ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ी थी। उसके बाद से इंडस्ट्री फिर से सुस्ती की चपेट में आ गई है। ऑटो कंपनियों के लिए फरवरी का महीना वित्त वर्ष 2019 का सबसे सुस्त रहा है।’

लंबी खिंच गई ऑटो सेक्टर में सुस्ती
काले ने बताया कि ऑटो सेक्टर में यह सुस्ती लंबी खिंच गई है। पिछले 6 महीनों से यह दौर चला आ रहा है और शॉर्ट टर्म में इसमें रिकवरी की संभावना भी नहीं दिख रही है। उन्होंने बताया, ‘शोरूम में अच्छी संख्या में ग्राहक आ रहे हैं, लेकिन यह इंक्वायरी खरीदारी में नहीं बदल रही है।’ उन्होंने बताया कि तीन में से कोई एक ट्रिगर भी हो तो ऑटो सेल्स में रिकवरी हो सकती है। इनमें केंद्र में स्थायी सरकार, सामान्य मॉनसून बारिश और ब्याज दरों में कमी शामिल हैं।

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

बाजार में कोहराम, एक ही दिन में डूबे निवेशकों के 4.58 लाख करोड़ रुपये

नई दिल्ली कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों और वैश्विक स्तर पर बिकवाली के बीच …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)
85 visitors online now
15 guests, 69 bots, 1 members
Max visitors today: 150 at 12:03 am
This month: 227 at 09-18-2020 01:27 pm
This year: 687 at 03-21-2020 02:57 pm
All time: 687 at 03-21-2020 02:57 pm