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भारत में सड़क हादसों में हर 4 मिनट में 1 मौत, सबसे खराब सड़कें यहीं!

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नई दिल्ली,

टाटा सन्स के पूर्व चेयरमैन और उद्योगपति साइरस मिस्त्री का रविवार को सड़क हादसे में निधन हो गया. मिस्त्री कार से अहमदाबाद से मुंबई जा रहे थे. मुंबई के पास उनकी कार डिवाइडर से टकरा गई और ये हादसा हो गया. पुलिस को शुरुआती जांच में हादसे की वजह ओवरस्पीडिंग और रॉन्ग साइड से ओवरटेक को बताया है.

भारत में सड़क हादसों से हर दिन 426 से ज्यादा लोगों की मौत हो जाती है. वहीं, सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह ओवरस्पीडिंग ही है. वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, भारत में हर 4 मिनट में सड़क हादसे में एक मौत हो जाती है.

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 में देशभर में 4.03 लाख से ज्यादा सड़क हादसे हुए थे. इनमें 1.55 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. यानी, हर दिन 426 से ज्यादा लोगों की जान सड़क हादसे में चली गई. इस हिसाब से हर घंटे करीब 18 लोगों की मौत हो गई.

वहीं, 60 फीसदी सड़क हादसों की वजह ओवरस्पीडिंग ही है. पिछले साल 4.03 लाख हादसों में 2.40 लाख से ज्यादा हादसे और मौतें ओवरस्पीडिंग की वजह से ही हुई थी. ओवरस्पीडिंग के कारण हुए सड़क हादसों में 87,050 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2.28 लाख से ज्यादा घायल हो गए थे.

NCRB की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल सबसे ज्यादा सड़क हादसे नेशनल हाईवे पर हुए थे. पिछले साल देशभर में नेशनल हाईवे पर 1.22 लाख सड़क हादसे हुए थे. इन हादसों में 53,615 लोगों की मौत हुई थी. वहीं, स्टेट हाईवे पर 96,451 हादसों में 39 हजार से ज्यादा मौतें हुई थीं. जबकि, दूसरी तरह की सड़कों पर 1.84 लाख हादसे हुए थे, जिनमें 62,967 लोगों की जान गई थी.

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि नेशनल हाईवे पर हर 100 किमी पर 40 लोगों की मौत हुई थी. वहीं, स्टेट हाईवे पर हर 100 किमी पर 21 जान गई थी. जबकि, देशभर का औसत निकाला जाए तो हर 100 किमी पर 2 लोगों की मौत हुई थी.

भारत की सड़कें सबसे खराब!
लंदन की यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में सड़कों की क्वालिटी सबसे खराब है. भारत की सिर्फ 3% सड़कें ही नेशनल हाइवे हैं, जबकि 75% हाईवे सिर्फ दो लेन ही हैं. भारत की सड़कें बहुत कंजेस्टेड भी हैं. 40% सड़कें गंदी होती हैं और 30% से ज्यादा गांवों में अभी तक सड़क नहीं पहुंची है.

पिछले साल रोड सेफ्टी पर वर्ल्ड बैंक की एक रिपोर्ट आई थी. इस रिपोर्ट में बताया गया था कि भारत में दुनिया की सिर्फ 1% गाड़ियां ही हैं, लेकिन दुनियाभर में होने वाले 11% सड़क हादसे यहीं होते हैं. यानी, हर 100 हादसों में से 11 हादसे भारत में होते हैं.

वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में हर साल सड़क हादसों में 1.50 लाख मौतें हो जाती हैं, जबकि 7.50 लाख से ज्यादा लोग विकलांग हो जाते हैं. हादसों का शिकार होने वालों में ज्यादातर पैदल या साइकिल पर चलने वाले लोग होते हैं.

वहीं, 2018 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की भी रोड सेफ्टी पर रिपोर्ट आई थी. इस रिपोर्ट में 2016 के आंकड़े दिए गए थे. इसके मुताबिक, सबसे ज्यादा सड़क हादसे अमेरिका और जापान में होते हैं, लेकिन मौतें भारत में होतीं हैं. अमेरिका में 22 लाख से ज्यादा सड़क दुर्घटनाओं में 37,461 लोगों की मौत हुई थी. जबकि, भारत में करीब 5 लाख हादसों में 1.50 लाख से ज्यादा मौतें हो गई थीं. वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट बताती है कि एक दशक (2011-2020) में भारत में 13 लाख से ज्यादा मौतें हुई थीं, जबकि 50 लाख से ज्यादा लोग घायल हो गए थे.

अर्थव्यवस्था को कितना नुकसान?
वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, सड़क हादसों और उनमें होने वाली मौतों से हर साल भारत की जीडीपी को 3 से 5% का नुकसान होता है. वर्ल्ड बैंक ने अपनी रिपोर्ट में सड़क-परिवहन मंत्रालय की एक स्टडी के हवाले से बताया है कि भारत में सड़क हादसों से 1.47 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया था. ये रकम भारत की जीडीपी के 3% के बराबर है.

इस रिपोर्ट में ये भी बताया गया था कि सड़क हादसों की वजह से गरीबी भी बढ़ती है. सड़क हादसे और उसमें हुई मौत एक परिवार को गरीबी में धकेल देता है, जबकि जो गरीब होते हैं, वो कर्जदार हो जाते हैं. हादसे के बाद 75% से ज्यादा गरीब परिवार की कमाई में गिरावट आ जाती है.

साइरस मिस्त्री की मौत कैसे हुई?
साइरस मिस्त्री अहमदाबाद से मुंबई आ रहे थे. वो जिस कार से आ रहे थे, उसमें उनके अलावा अनाहिता पंडोले, उनके पति डेरियस पंडोले और भाई जहांगीर दिनशा पंडोले सवार थे. इस कार को अनाहिता पंडोले चला रही थीं. वो जानी-मानीं गाइनेकोलॉजिस्ट थीं. इस हादसे में साइरस मिस्त्री और जहांगीर दिनशा की मौत हो गई. जबकि, पंडोले दंपति को गंभीर चोटें आईं हैं.

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि कार ओवरस्पीड थी. कार ने दूसरे वाहन को गलत साइड (लेफ्ट साइड) से ओवरटेक करने की कोशिश भी की थी. इसी दौरान कारन ने नियंत्रण खो दिया और डिवाइडर से जा टकराई.

हादसे के बाद साइरस मिस्त्री को कासा के सरकारी अस्पताल लाया गया था. यहां के डॉक्टर शुभम सिंह ने बताया कि साइरस मिस्त्री की मौत सिर पर चोट लगने से हुई है. वहीं, जहांगीर को बाएं पैर में फ्रैक्चर और सिर पर चोट लगी थी. अस्पताल पहुंचने से पहले ही दोनों की मौत हो गई थी.

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