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अलविदा अटल : सड़कों पर हजारों लोग, मोदी-शाह भी पैदल

नई दिल्ली

पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न और बीजेपी के दिग्गज नेता अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) का गुरुवार को 93 साल की उम्र में निधन हो गया. गुरुवार शाम पांच बजकर पांच मिनट पर नई दिल्ली के एम्स में पूर्व पीएम वाजपेयी ने अंतिम सांस ली. गुरुवार शाम से उनके पार्थिव शरीर को उनके आवास पर रखा गया था, जहां दिग्गज नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. शुक्रवार सुबह नौ बजे उनके पार्थिव शरीर को भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय लाया गया, जहां पर आम लोगों समेत वीवीआईपी लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किए.

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा शुरू हो गई है. अंतिम यात्रा बीजेपी मुख्यालय से राष्ट्रीय स्मृति स्थल तक जाएगी. जहां शाम को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत बीजेपी के कई दिग्गज अटल की अंतिम यात्रा में पैदल चल रहे हैं, इनके साथ लाखों लोग दिल्ली की सड़कों पर अटल को अंतिम श्रद्धांजलि देने को उमड़े हैं.

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा में लाखों की भीड़ है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पैदल अंतिम यात्रा में लाखों लोगों के साथ चल रहे हैं. बीजेपी मुख्यालय और स्मृति स्थल के बीच करीब 4 किलोमीटर का अंतर है. आपको बता दें कि अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद भारत सरकार ने सात दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है, इसके अलावा कई राज्य सरकारों ने भी सात दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है. इसके अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब समेत कई राज्यों ने एक दिन की सरकारी छुट्टी का ऐलान किया है.

अटल बिहारी वाजपेयी देश की सक्रिय राजनीति में पांच दशक से ज्यादा समय तक रहे. वे देश के पहले गैरकांग्रेसी प्रधानमंत्री थे. उन्होंने अपना पहला लोकसभा चुनाव 1952 में लड़ा, हालांकि पहली जीत उन्हें 1957 में मिली. तब से 2009 तक वे लगातार संसदीय राजनीति में बने रहे. 1977 में वे पहली बार मंत्री बने, जबकि 1996 में वे 13 दिन के लिए प्रधानमंत्री भी रहे.

हालांकि 1998 में उन्हें एक बार फिर पीएम बनने का मौका मिला. उनकी ये सरकार भी सिर्फ 13 महीने चली लेकिन इसके बाद हुए लोकसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन के बहुमत वाली सरकार बनी और वाजपेयी ने पीएम के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया. 1991, 1996, 1998, 1999 और 2004 में वे लखनऊ से लोकसभा सदस्य चुने गए.

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