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एक और सर्जिकल स्ट्राइक के सवाल पर यह बोले आर्मी चीफ

श्रीनगर

पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। पहले बीएसएफ जवान की बर्बर हत्या और फिर जम्मू-कश्मीर के तीन स्पेशल पुलिसकर्मियों की हत्या में पाकिस्तान की भूमिका सामने आई है। पाकिस्तान के खिलाफ पूरे देश में गुस्सा देखा जा रहा है। ऐसे में पड़ोसी मुल्क को सबक सिखाने के लिए क्या भारत एक और सर्जिकल स्ट्राइक करेगा? यह सवाल भारतीयों के दिलों में कौंध रहा है। रविवार को यही सवाल जब आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत से पूछा गया तो उन्होंने महत्वपूर्ण संकेत दिए।

आतंकी करतूत के खिलाफ सेना की दोबारा सर्जिकल स्ट्राइक के सवाल पर जनरल रावत ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक हमेशा सरप्राइज की तरह ही होती है और इसे वैसा ही रहने देना चाहिए। भविष्य की जंग पर जनरल रावत ने कहा कि अगर हम भविष्य की जंग के बारे में सोचते हैं तो उसके लिए हर तरह की टेक्नॉलजी की जरूरत होगी। ऐसे में हमें खुद को दोबारा ऑर्गनाइज करना होगा, जिससे टेक्नॉलजी, हथियार और जवानों में बेहतर तालमेल हो सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए हमारे संगठन में कुछ बदलाव करने होंगे और हमें सुनिश्चित करना होगा कि हमारे जवान टेक्नॉलजी की जरूरत को समझें और तभी हम आगे बढ़ सकते हैं।

वार्ता रद्द करने का समर्थन
भारत और पाकिस्तान के बीच न्यू यॉर्क में होने वाली बातचीत रद्द होने के बाद सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने केंद्र सरकार के फैसले का समर्थन किया है। बिपिन रावत ने कहा कि मेरे मत में यह फैसला बिल्कुल सही है, क्योंकि आतंकवादी घटनाएं और बातचीत दोनों एक साथ नहीं हो सकते हैं। सेना प्रमुख ने कहा कि जब इमरान खान पाकिस्तान में सत्ता में आए, तो उन्होंने शांति के कुछ संदेश भेजने की कोशिश की, लेकिन क्या पूरा पाकिस्तान शांति चाहता है? हमें यह समझना होगा। जनरल रावत ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर में हिंसा की गतिविधियों को जारी रखना चाहता है और उसकी मंशा है कि वह भारत को हजारों घाव देकर हमारी सरजमीं पर हमेशा खून बहाता रहे।

पाकिस्तान को ऐक्शन लेना ही होगा
रविवार को मीडिया से बात करते हुए जनरल रावत ने कहा, ‘मेरे मत में सरकार का यह फैसला बिल्कुल सही है। वर्तमान सरकार की यह नीति है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं हो सकते और हमने इसके लिए पाकिस्तान को एक साफ संदेश भी दिया है।’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बार-बार कह रहा है कि वह अपनी सीमाओं को आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल नहीं होने देगा, लेकिन इस वादे के बाद भी हम यह देख रहे हैं कि पड़ोसी मुल्क की सरहदों से ही आतंकी घुसपैठ कर रहे हैं। ऐसे में पाकिस्तान को अपने ऐक्शन में यह दिखाना होगा कि वह सही में आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है।

जनरल रावत ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर में हिंसा के कारण होने वाली परेशानियों को बरकरार रखना चाहता है और वह यह नहीं चाहता कि घाटी में कभी शांति लौटे। उन्होंने कहा कि पड़ोसी मुल्क कश्मीर के नौजवानों को कट्टरता के रास्ते पर ले जाना चाहता है।

SCO समिट में सैन्य अभ्यास पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए आर्मी चीफ ने कहा कि ऐसा नहीं है कि भारत और पाकिस्तान की सेनाओं ने मिलकर अभ्यास किया। दरअसल, बहुपक्षीय मंच पर किसी भी प्रकार की संयुक्त गतिविधि के लिए ज्यादातर देश चाहते हैं कि भारत शामिल हो।

पाकिस्तानी पीएम ने दिया था बयान
आपको बता दें भारत सरकार द्वारा बातचीत रद्द करने के बाद पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने भारत की आलोचना करते हुए ट्विटर पर लिखा था, ‘शांति बहाली के लिए शांति वार्ता की शुरुआत की मेरी पहल पर भारत के अहंकारी और नकारात्मक जवाब से बेहद निराश हूं। हालांकि, मैं अपनी पूरी जिंदगी ऐसे छोटे लोगों से मिला हूं जो बड़े दफ्तरों पर ऊंचे ओहदे पर बैठे हैं, लेकिन उनके पास आगे तक देख सकने के लिए दूरदर्शी सोच का अभाव है।’ इमरान के इस बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने ही पाकिस्तानी सरकार की कटु आलोचना की थी।

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