राहुल बोले- मॉडर्न इंडिया का मंदिर है HAL, सरकार ने किया अपमान

बेंगलुरु

राफेल विवाद को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार केंद्र की मोदी सरकार पर निशान साधते रहे हैं। इस मसले को और हवा देते हुए शनिवार को राहुल गांधी ने बेंगलुरु में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के कर्मचारियों से मुलाकात की और राफेल डील पर फिर सवाल किया। कांग्रेस अध्यक्ष ने HAL की काबिलियत पर भरोसा जताते हुए कहा कि देश की यही इकलौती कंपनी है जिसके पास एयरक्राफ्ट बनाने का अनुभव है। उन्होंने HAL कर्मचारियों से कहा कि राफेल सौदा पर असल हक आपका बनता है।

बता दें कि केंद्र सरकार ने फ्रांस सरकार से 58 हजार करोड़ रुपये में 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद का सौदा किया है। राफेल को बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी दैसॉ ने विमानों के निर्माण के लिए अनिल अंबानी की कंपनी को ऑफसेट पार्टनर के तौर पर चुना है। यूपीए की मनमोहन सिंह सरकार के दौरान HAL को दैसॉ का पार्टनर चुना जाना था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी पर हमला करते हुए अनिल अंबानी की कंपनी को दैसॉ का पार्टनर चुने जाने पर सवाल उठा रहे हैं।

HAL कर्मचारियों से मुलाकात के दौरान राहुल ने कंपनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कोई सामान्य कंपनी नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस कंपनी के साथ काम करना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि वह यहां के लोगों की समस्याएं सुनने आए हैं। इस दौरान राहुल ने साफ कहा कि वास्तव में राफेल पर एचएएल का अधिकार है।

बेंगलुरु में एएचएल कर्मचारियों से मुलाकात के बहाने राहुल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। राहुल ने दो टूक कहा कि आधुनिक भारत के संस्थानों पर हमला किया जा रहा और उन्हें नष्ट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम ऐसा करने की इजाजत नहीं दे सकते। बता दें राहुल ने इससे पहले ट्वीट कर कहा था कि एचएएल भारत की सामरिक संपत्ति है और उससे राफेल का ऑर्डर छीनकर अनिल अंबानी को गिफ्ट कर देश के एयरोस्पेस इंडस्ट्री के भविष्य को बर्बाद किया गया है।

शनिवार को बेंगलुरु में एचएएल कर्मचारियों से मुलाकात के दौरान राहुल ने कहा, ‘आप सबकी मुश्किलें मैं समझता हूं। मैं आपकी परेशानी सुनने आया हूं।’ राहुल ने कहा कि एचएएल कोई कोई सामान्य कंपनी नहीं है। इस कंपनी के साथ काम करना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि जब देश आजाद हुआ तो कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में प्रवेश के लिए कुछ रणनीतिक संपत्तियों का निर्माण किया, एयरोस्पेस के क्षेत्र में एचएएल ऐसी ही एक संपत्ति है।

‘सरकार की तरफ से मैं मांगता हूं माफी’
एचएएल कर्मचारियों से मुलाकात के बहाने राहुल गांंधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। एचएएल कर्मचारियों से राहुल ने कहा, ‘सरकार ने आपसे डील छीनकर आपको अपमानित किया है। पर, मैं जानता हूं कि वे माफी नहीं मांगेंगे। उनकी तरफ से मैं मांफी मांगता हूं। साथ ही आपको वादा करता हूं कि आपके हक के लिए हम लड़ते रहेंगे।’

‘राफेल पर अधिकार सिर्फ HAL का’
इस दौरान राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार को अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया। राहुल ने कहा, एचएएल और अनिल अंबानी की कंपनी के बीच कोई मुकाबला ही नहीं है। राहुल ने एएचएल की तारीफ करते हुए कहा, ‘वास्तव में राफेल आपका अधिकार है। आपके पास विमान बनाने का अनुभव है। अंबानी की कंपनी के पास ना तो अनुभव है और ना ही क्षमता है। ऐसे में मैं पूछना चाहता हूं कि अनिल अंबानी को कॉन्ट्रैक्ट क्यों दिया गया।’

एचएएल कर्मचारियों की तारीफ करते हुए राहुल ने कहा, ‘आपने देश के लिए जो काम किया है, वह बेमिसाल है और इसके लिए देश आपका आभारी है।’ बता दें कि कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार पर राफेल विवाद को लेकर आरोप लगाया है कि देश की सबसे प्रतिष्ठित कंपनी एचएएल से डील छीनकर अंबानी को सौंपा गया है। कांग्रेस का यह भी आरोप है कि एचएएल से डील रद्द होने के बाद 10 हजार लोगों को निकाला जा रहा है।

राहुल गांधी ने एचएएल कर्मचारियों के साथ खड़े होने के लिए सभी का आह्वान किया है। राहुल ने ट्वीट में लिखा है, ‘एचएएल से राफेल छीनकर और अनिल अंबानी को गिफ्ट कर भारत के एयरोस्पेस उद्योग के भविष्य को तबाह कर दिया गया है। आइए भारत के रक्षकों की गरिमा की रक्षा करें। मैं एचएएल के कर्मचारियों के साथ खड़े होने के लिए बेंगलुरू में हूं। आप भी साथ आइए।’

‘निजी क्षेत्र को न दें रक्षा कार्य’
उधर, इस मौके पर पूर्व अभियंता भारतीय वायुसेना बाबू टी राघव ने कहा, एचएएल एकमात्र ऐसी कंपनी थी, जिसके पास रूसी तकनीकों के साथ काम करने का अवसर था। यह एशिया में सबसे अच्छा संगठन है। वहीं एचएएल के एक पूर्व कर्मचारी महादेवन ने कहा कि निजी क्षेत्र को रक्षा उत्पादन का कार्य नहीं दिया जा सकता है। यह एक रणनीतिक कारण है।

बता दें कि पिछले काफी समय से राहुल गांधी राफेल डील को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला कर रहे हैं। पिछले दिनों फ्रांस की इन्वेस्टिवगेटिव वेबसाइट मीडिया पार्ट की नई रिपोर्ट का हवाला देकर पीएम मोदी को भ्रष्ट बताया था। मीडियापार्ट वेबसाइट के पास मौजूद दसॉ के कथित डॉक्युमेंट इसकी पुष्टि करते हैं कि उसके पास रिलायंस को पार्टनर चुनने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था।

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