Tuesday , October 27 2020

कश्मीर: आतंकी से बोली मां, ‘शहीद हो जाना लेकिन…’

कुलगाम

एक ओर जहां भारतीय सुरक्षाबल कई बार घरवालों के जरिये आतंक के रास्ते पर गए युवाओं को वापस लाने की कोशिश करते हैं लेकिन आजकल इससे उलट एक ऑडियो घाटी में वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में एक आतंकी की मां उससे सरेंडर करने की जगह ‘शहीद’ होने के लिए कहती है। यह ऑडियो शनिवार को कुलगाम के काजीगुंड इलाके में मुठभेड़ के दौरान मारे गए आतंकी और उसकी मां के बीच की बातचीत का है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक 16 साल का जाहिद अहमद मीर उर्फ हाशिम दो साल पहले हिज्बुल मुजाहिदीन से जुड़ गया था। पिछले महीने ईद के दिन पुलिस अफसर फयाज अहमद की हत्या में वह शामिल था। मुठभेड़ में एक घर में बंद होने के दौरान शनिवार को फोन पर अपनी मां से उसने बात की, जिसका ऑडियो घाटी के अलगाववादी नेता अपने फायदे के लिए कर रहे हैं।

अकसर सरेंडर करने को कहते हैं माता-पिता
दरअसल, फोन पर बात करते वक्त उसने अपनी मां को बताया कि एसपी उससे और चार दूसरे आतंकियों से सरेंडर करने के लिए कह रहे है लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया है। ज्यादातर माता-पिता ऐसे में अपने बच्चों से सरेंडर कर घर वापस आ जाने को कहते हैं लेकिन इससे उलट हाशिम की मां ने उससे कहा, ‘नहीं, नहीं। तुम सरेंडर क्यों करोगे? उनसे (एसपी से) कह दो कि तुम सरेंडर नहीं करोगे। अगर भागने का मौका मिले तो भाग जाना लेकिन सरेंडर करने के बारे में सोचना भी मत।’

‘अल्लाह के लिए उठाए हैं हथियार’
हाशिम की मां यह भी पूछती है कि जिस घर में वे फंसे हैं उसका मालिक मजबूत है या कमजोर।’ वह क्या कह रहा है? उससे पूछो कि क्या तुम उसके घर से लड़ सकते हो या नहीं। तुमने अल्लाह का रास्ता चुना है और तुमने अल्लाह के लिए हथियार उठाए हैं। तुम्हारी शहादत कबूल हो। मुझे अल्लाह ने तुम दिए थे तो अब मैं तुम्हें वापस उनके पास भेज रही हूं। वह तुम्हारी कुर्बानी कबूल करें। तुम अपने मकसद में कामयाब हो। अल्लाह तुम्हें हिम्मत दे।’

अलगाववादियों की साजिश
इस दौरान मां एकदम दृढ़ आवाज में बात करती रही जबकि किसी छोटी लड़की के रोने की आवाज आती रही। बाकी सभी परिजनों ने हाशिम से सरेंडर नहीं करने के लिए कहा। एडीजीपी (लॉ ऐंड ऑर्डर) मुनीर खान ने बताया कि अकसर परिवार अपने बेटों से सरेंडर करने के लिए कहते हैं लेकिन शायद यह अलगाववादियों की कोई नई रणनीति है जिसके तहत वे ऐसी क्लिप्स सोशल मीडिया पर सर्कुलेट कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस स्थानीय मिलिटेंट्स को सरेंडर करने का मौका देते हैं और उन्हें तैयार करने के लिए परिजनों की मदद लेते हैं लेकिन हर बार उन्हें सफलता नहीं मिलती।

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

वोटिंग से ठीक पहले सोनिया का नीतीश पर अटैक, कहा- अहंकारी सरकार में मजदूर बेबस

नई दिल्ली/पटना बिहार विधानसभा चुनाव में पहले चरण की वोटिंग से करीब 24 घंटे पहले …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)
Do NOT follow this link or you will be banned from the site!