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कश्मीर में 7 पुलिसवालों के परिजन अगवा, क्या सलाउद्दीन के बेटे पर एक्शन का बदला?

श्रीनगर

घाटी में सुरक्षाबलों की कार्रवाई से बौखलाए आतंकी संगठनों ने अब यह पुलिसकर्मियों के परिवार को निशाना बनाना शुरू किया है। बीते दो दिनों के अंदर अज्ञात आतंकियों के समूह ने कश्मीर घाटी के अलग-अलग जिलों से 7 लोगों को अगवा किया है। अगवा किए गए सभी लोग अलग-अलग पुलिसकर्मियों के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। पुलिसकर्मियों के पारिवारिक सदस्यों का अपहरण होने के बाद अब सेना बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाकर अपहृत लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

बता दें कि आतंकवादियों ने इस घटना को तब अंजाम दिया जब एनआईए ने वांछित आंतकवादी सैयद सलाउद्दीन के दूसरे बेटे को गिरफ्तार किया है. राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार सुबह श्रीनगर से हिज्बुल मुजाहिद्दीन के चीफ सैयद सलाउद्दीन के बेटे सैयद शकील अहमद को उसके घर से गिरफ्तार किया. ये गिरफ्तारी आतंकी फंडिंग के मामले में की गई. हालांकि, पुलिस ने फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है और कहा है कि वह अगवा करने संबंधी रिपोर्टों का पता लगा रही है.

महबूबा मुफ्ती के गृहक्षेत्र में हुई अपहरण की घटना
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अज्ञात आतंकियों ने दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के बिजबेहड़ा में रहने वाले जुबैर अहमद भट नाम के एक युवक को अगवा किया है, जिनके पिता मोहम्मद मकबूल भट यहां जम्मू-कश्मीर पुलिस में तैनात हैं। इसके अलावा आतंकियों ने गुरुवार शाम अरवानी (अनंतनाग) निवासी पुलिसकर्मी मोहम्मद मकबूल भट के बेटे जुबैर अहमद भट और एसएचओ नजीर अहमद के बेटे आरिफ अहमद को अगवा किया है।

कुलगाम और गांदरबल जिले में भी अपहरण
वहीं दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले से आतंकियों ने खारपोरा निवासी पुलिसकर्मी बशीर अहमद के बेटे फैजान और येरीपोरा निवासी पुलिसकर्मी अब्दुल सलेम के बेटे सुमेर अहमद, काटापोरा के डीएसपी एजाज अहमद के भाई गौहर अहमद के भी अगवा किए जाने की सूचना मिली है। इन सब के अलावा मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में भी एक पुलिसकर्मी के रिश्तेदार की अगवा कर पिटाई की गई है।

पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच हुई घटनाएं
आतंकियों की यह कार्रवाई उस वक्त हुई है, जबकि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में पंचायत के चुनाव को लेकर काफी सक्रियता से तैयारी कर रही है। पुलिसकर्मियों के पारिवारिक सदस्यों के अपहरण की घटनाओं के सामने आने के बाद सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीमें अलग-अलग जिलों में इन सब की तलाश करने में जुटी हुई हैं। माना जा रहा है कि आतंकी संगठन कश्मीर में पंचायत चुनाव से पहले दहशत फैलाकर चुनावी प्रक्रिया को बाधित करना चाहते हैं, जिसके कारण पुलिसकर्मियों के बीच दहशत फैलाने की साजिश रची जा रही है।

पहले जवान और अब परिवार पर निशाना
बता दें कि कश्मीर घाटी में इससे पहले तमाम पुलिसकर्मियों को अगवा कर उनकी हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद अब आतंकियों ने पुलिसवालों के परिवारिक सदस्यों को निशाना बनाना शुरू किया है। हाल ही में बुधवार को ही आतंकियों ने पुलवामा जिले के त्राल से पुलिसकर्मी रफीक अहमद के बेटे आसिफ अहमद को अगवा किया था। अगवा किया गया आसिफ बीएससी का छात्र है और वह यहां त्राल के पिंगलिश गांव में रहता था।

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