Saturday , October 24 2020

केरल बाढ़ को केंद्र ने गंभीर प्राकृतिक आपदा घोषित किया

नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने केरल की बाढ़ को गंभीर प्राकृतिक आपदा घोषित कर दिया है। गृह मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि बाढ़ की विभीषिका और भूस्खलन के कारण यह भयंकर प्राकृतिक आपदा है। बता दें कि केरल में आठ अगस्त से बाढ़ में अब तक 216 लोगों की जान गई है और सात लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में बाढ़, बारिश और भूस्खलन के कारण हुए नुकसान को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। जब किसी आपदा को दुर्लभ गंभीर/ गंभीर प्रकृति का घोषित किया जाता है तो राज्य सरकार को राष्ट्रीय स्तर पर मदद दी जाती है। इसके अलावा केंद्र नैशनल डिजास्टर रेस्पांस फंड (NDRF) से भी अतिरिक्त मदद देने पर विचार कर रहा है।

एक आपदा राहत कोष (CRF) बनाया गया है। इस राशि में तीन हिस्सा (3:1) केंद्र का और एक हिस्सा राज्य का होगा। CRF में संसाधन कम होने के कारण केंद्र राष्ट्रीय आपदा आकस्मिक फंड (NCCF) बनाने पर विचार कर रहा है। इसमें 100 फीसदी राशि केंद्र सरकार देगी।

गृह मंत्रालय के जॉइंट सेक्रटरी ए. वी. धर्मा रेड्डी के नेतृत्व में एक अंतर मंत्रालय टीम का गठन किया गया है। इस टीम ने 8 अगस्त को केरल की यात्रा की थी और वहां बारिश तथा बाढ़ के कारण नुकसान का आकलन किया था। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि किसी प्राकृतिक आपदा के समय जब कोई अंतर मंत्रालीय टीम किसी राज्य की यात्रा करती है इसे अपने आप गंभीर प्राकृतिक आपदा माना जाता है।

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने 12 अगस्त को केरल का दौरा किया था और केरल को 100 करोड़ रुपये की तुरंत मदद की घोषणा की थी। पीएम नरेंद्र मोदी ने 16 अगस्त के केरल दौरे के बाद राज्य को 500 करोड़ रुपये की मदद की घोषणा की थी। इसके अलावा केंद्र सरकार ने इस आपदा में मारे गए लोगों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार मुआवजा देने की भी घोषणा की थी। मुआवजा राशि प्रधानमंत्री राहत कोष से दिए जाएंगे।

बता दें कि कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियां केरल बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग कर रहे थे। हालांकि केंद्र ने आज केरल हाई कोर्ट को बताया कि इस तरह के आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का कोई प्रोविजन या मैन्युअल नहीं है। एक शपथपत्र में केंद्र ने कहा कि वह केरल बाढ़ को गंभीर प्रकृति की आपदा मान रहा है और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन गाइडलाइंस के तहत इसे लेवल 3 की आपदा मान रहा है।’

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

सावधान: पानी की बर्बादी पर अब होगी 5 साल की सजा, देना होगा एक लाख जुर्माना

नई दिल्ली देश में पानी की बर्बादी करने वालों को अब सचेत रहने की जरूरत …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)
Do NOT follow this link or you will be banned from the site!