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क्या महिलाओं को मतलबी बताने वाली किताब सीबीएसई की है?

नई दिल्ली

सोशल मीडिया नेटवर्क्स जैसे फेसबुक और ट्विटर पर इन दिनों ‘करेंट स्कूल एसेज’ नाम की किताब में ‘मॉडर्न लड़कियों’ पर लिखा निबंध काफी वायरल हो रहा है। अंग्रेजी में लिखी किताब में मॉडर्न लड़कियों को आत्म केंद्रित, मतलबी, पार्टी करने वाली और हॉट पैंट्स पहनने वाली बताया गया है। इस निबंध को सोशल मीडिया पर CBSE और ICSE, ISE बोर्डों के सिलेबस का हिस्सा बताकर शेयर किया जा रहा है। इसकी वजह यह है कि किताब के पहले पन्ने पर ही जिक्र किया गया है कि इसे सीबीएसई, आईसीएसई और आईएसई बोर्डों के सेकंडरी और सीनियर सेकंडरी स्कूलों के स्टूडेंट्स के लिए है। लेकिन क्या वाकई इस किताब से सीबीएसई या दूसरे बोर्डों का लेना-देना है?

किताब में क्या लिखा है?
दरअसल, यह किताब पूर्बी चक्रवर्ती ने लिखी है और इसे ‘बुक क्लब’ ने प्रकाशित किया है। निबंध की शुरुआत कुछ इस तरह होती है, ‘आधुनिक युग की लड़कियां आमतौर पर स्मार्ट, इंटेलिजेंट, जागरूक और फैशनेबल होती हैं। मॉडर्न लड़कियां टीवी प्रोग्राम्स देखती हैं और फिर हेयर स्टाइल कॉपी करने की कोशिश करती हैं। वे अब पहले की तरह शर्मीली, आज्ञाकारी, घरेलू जीव नहीं रही हैं। वे अब घर की चारदीवारी में खुद को कैद नहीं रखना चाहतीं। उन्हें जीन्स, पैंट्स और हॉट पैंट्स पहनना पसंद है। रंगीन साड़ियों की अब उनकी अलमारियों में कोई जगह नहीं रही है। वे अपने स्वास्थ्य और फिगर पर ध्यान देती हैं, उनके पास परिवार की जरूरतों को पूरा करने का समय नहीं है।’

सीबीएसई ने क्या कहा?
सीबीएसई ने इस किताब का अपने सिलेबस का हिस्सा होने से इनकार कर दिया है। सीबीएसई ने वायरल खबरों को देखते हुए 23 अगस्त को ही एक स्पष्टीकरण जारी किया। इस स्पष्टीकरण के मुताबिक, किताब में सीबीएसई का जिक्र एकदम गलत है।

सीबीएसई की तरफ से आगे कहा गया है कि यह पहले भी स्पष्ट किया जा चुका है कि सीबीएसई किताबें नहीं छापती और न ही वह अपने मान्यता प्राप्त स्कूलों में किसी प्राइवेट पब्लिशर की किताबों से पढ़ाने की सलाह देती है। इसलिए, इस मामले में सीबीएसई का जिक्र पूरी तरह आधारहीन है। इतना ही नहीं सीबीएसई ने यह भी लिखा है उसकी किताबों से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी का तथ्य जानने के लिए http://cbseacademic.nic.in/publication_sqps.html लिंक पर जा सकते हैं।

हालांकि, जब हमने इस किताब को ऑनलाइन खोजना शुरू किया तो यह भी पाया कि यह इस साल प्रकाशित नहीं हुई है बल्कि 2015 में ही छप चुकी है। पूर्बी चक्रवर्ती ने इसके अलावा भी कई किताबें लिखी हैं जो ऐमजॉन पर बिक रही हैं। आखिर में हमने इस खबर को लेकर की गई पड़ताल में यह पाया कि लेखक ने भी यह दावा नहीं किया है कि किताब सीबीएसई के सिलेबस का हिस्सा है और लोग इसे गलत तरीके से सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। यह किताब किसी भी दूसरी रेफरेंस बुक की तरह ही है, जिसका सीबीएसई से कोई लेना-देना नहीं है।

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