Wednesday , September 23 2020

क्‍या 2019 की ‘हड़बड़ी’ में राजस्थान को ‘भूल’ गए राहुल गांधी?

जयपुर

कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को राजस्‍थान विधानसभा चुनावों के लिए बिगुल फूंकते हुए जयपुर में रोड शो किया और रैली को संबोधित किया. अपने भाषण के दौरान राहुल के निशाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार ही रही. राजस्‍थान की वसुंधरा राजे सरकार को वह लगभग भूल ही गए और भाषण के दौरान उनके ज्‍यादातर हमले राज्‍य सरकार की बजाय केंद्र पर रहे. ऐसा लग रहा था मानो साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनावों के बजाय अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए वहां गए थे.

कांग्रेस अध्‍यक्ष ने अपने भाषण की शुरुआत राफेल सौदे से की और उनके भाषण का बड़ा हिस्‍सा इसके इर्दगिर्द ही घूमता नजर आया. इसके बाद वे महिलाओं पर अत्‍याचार, रोजगार, जीएसटी और किसानों के हालात पर बोले. पूरे भाषण में केवल एक बार उन्‍होंने वसुंधरा राजे का नाम लिया.राजस्‍थान की मुख्‍यमंत्री का नाम लेते हुए उन्‍होंने कहा, ‘मोदी व वसुंधरा सरकार किसानों की हितैषी नहीं है. राजस्थान में महिला बिना डरे घर से बाहर नहीं निकल सकती.’ राहुल ने रोजगार के मसले पर भी राजे सरकार को निशाने पर लिया लेकिन उनका नाम नहीं लिया

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘राजस्थान की सीएम कहती हैं कि लाखों को रोजगार दिया, लेकिन रोजगार का वादा पूरा नहीं किया, राजस्थान में किसान रोज आत्महत्या कर रहे हैं.’ इसके अलावा राजस्‍थान से जुड़ा कोई मुद्दा उनके भाषण का हिस्‍सा नहीं बना. पूर्व मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत ने जरूर स्‍थानीय मसलों सरकार पर हमला बोला.दिलचस्‍प बात है कि गौरक्षा के नाम पर भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्‍या, रोजगार, रिफाइनरी में देरी, कानून व्‍यवस्‍था जैसे मुद्दों पर राजे सरकार बैकफुट पर है. लेकिन कांग्रेस अध्‍यक्ष ने इनका जिक्र नहीं किया.

समझ नहीं आया कि राहुल ने जानबूझकर इन मुद्दों को नजरअंदाज किया या फिर वे इन्‍हें भूल गए. बता दें कि वसुंधरा राजे भी चुनावी यात्रा पर निकली हुई हैं. उन्‍होंने अपनी यात्रा राजसमंद जिले से शुरू की है.इस बारे में राजस्‍थान कांग्रेस की मीडिया चेयरपर्सन अर्चना शर्मा ने बताया, ‘देश और प्रदेश दोनों जगह बीजेपी की सरकार है. इसलिए बढ़ते अपराध, महिला उत्‍पीड़न और रोजगार में कमी के लिए दोनों जिम्‍मेदार हैं. उन्‍होंने अपराध पर सरकार को घेरा है जिसमें मॉब लिंचिंग का मामला भी आ गया.

पार्टी में बिखराव पर उन्‍होंने कहा, ‘सचिन पायलट और अशोक गहलोत दोनों मंच पर राहुल गांधी के सामने गले मिले. इससे कार्यकर्ताओं में एकजुटता का संदेश जाएगा.’राजस्‍थान कांग्रेस आपसी बिखराव से भी जूझ रही है. टिकट की दावेदारी को लेकर कार्यकर्ताओं के भिड़ने की खबरें सामने आई हैं. लेकिन राहुल गांधी इस पर भी चुप ही रहे. अपने भाषण के आखिरी हिस्‍से में उन्‍होंने यह जरूर कहा कि पैराशूट(बाहरी) नेताओं को टिकट नहीं दिया जाएगा. जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ताओें को ही विधानसभा चुनाव में टिकट दिया जाएगा.

राहुल के भाषण के बारे राजस्‍थान कांग्रेस के प्रवक्‍ता सुरेश चौधरी ने कहा कि यह सभा पार्टी के कार्यकर्ताओं की थी. उन्‍होंने बताया, ‘राहुल गांधी ने रोड शो के जरिए जनता से संपर्क किया जबकि सभा के जरिए उन्‍होंने कार्यकर्ताओं से बात की. राज्‍य में विधानसभा चुनाव के साथ ही छह महीने बाद ही लोकसभा चुनाव भी है. ऐसे में दोनों के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार किया.’जब उनसे पूछा गया कि रिफाइनरी और मॉब लिंचिंग जैसे मुद्दों पर चुप्‍पी भारी तो नहीं पड़ जाएगी तो उन्‍होंने कहा, ‘सबसे बड़ा मसला रोजगार है. इसके जरिए सारे मुद्दे कवर हो जाते हैं.’

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

LAC पर खत्म होगी टकराव की स्थिति? अब और सैनिक नहीं भेजेंगे भारत और चीन

नई दिल्ली भारत और चीन के बीच कमांडर लेवल की 6ठे दौर की मीटिंग में …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)
90 visitors online now
31 guests, 59 bots, 0 members
Max visitors today: 140 at 09:34 am
This month: 227 at 09-18-2020 01:27 pm
This year: 687 at 03-21-2020 02:57 pm
All time: 687 at 03-21-2020 02:57 pm