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टोक्यो में भारतीय समुदाय के बीच पीएम, ठोंकी मोदीनॉमिक्स की ताल

नई दिल्ली,

दो दिवसीय दौरे पर जापान गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टोक्यो में भारतीय समुदाय को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें यहां पहुंचकर आत्मीयता का अनुभव होता है.इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है. जिसके चलते दुनिया में भारत को लेकर उत्सुकता है. साथ ही अब देश में दुनिया को भारत के चश्मे से देखने का काम चल रहा है.

टोक्यो में भारतीय समुदाय के बीच उन्होंने कहा, ‘आज पर्यावरण की सुरक्षा, आर्थिक असंतुलन दूर करने के लिए और विश्व शांति के लिए भारत की भूमिका अग्रणी है. मैं सियोल पीस प्राइज की ज्यूरी का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने मोदीनॉमिक्स की प्रशंसा की है. उनकी भावनाओं का पूरा सम्मान करते हुए मैं ये कहना चाहूंगा कि मोदीनॉमिक्स के बजाय ये इंडोनॉमिक्स का सम्मान है.’

पीएम मोदी ने ये भी बताया कि देश में फिलहाल 100 करोड़ से ज्यादा मोबाइल फोन का इस्तेमाल हो रहा है. साथ ही डाक ले जाने वाला डाकिया भी अब बैंकर बन गया है. उन्होंने कहा, ‘आज भारत परिवर्तन के बड़े दौर से गुजर रहा है. दुनिया आज मानवता की सेवा के लिए भारत के प्रयासों का गौरवगान कर रही है. भारत में जो नीतियों का निर्माण हो रहा है, जनसेवा के क्षेत्र में जो कार्य हो रहा है उसके लिए देश को सम्मानित किया जा रहा है.’

पीएम मोदी ने पिछले चार साल के कामकाज का बखान करते हुए बताया कि जनधन, आधार और मोबाइल, यानि JAM की Trinity से जो ट्रांसपेरेंसी भारत में आई है, उससे अब दुनिया के दूसरे विकासशील देश भी प्रेरित हो रहे हैं. दोनों देशों के संबंधों पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जापान के बीच संबंधों की जड़ें पंथ से लेकर प्रवृति तक हैं. हिंदू हो या बौद्ध मत, हमारी विरासत साझा है. हमारे आराध्य से लेकर अक्षर तक में इस विरासत की झलक मिलती है.

दीपावली पूरी दुनिया को रोशन करें प्रवासी भारतीय: पीएम मोदी
भारत-जापान के बीच 13वें वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेने तोक्‍यो पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रवासी भारतीयों का आह्वान किया कि वे दीपावली के दीपक की तरह से पूरी दुनिया को अपने प्रकाश से प्रकाशित कर देश का नाम ऊंचा करें। पीएम मोदी ने सोमवार को कहा कि जिस तरह से दीपावाली के दिन दीपक जहां रहता है वहां उजाला फैलाता है, उसी तरह से आप भी जापान और दुनिया के हर कोने में अपना और अपने देश का नाम रोशन करें। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत व्‍यापक बदलाव के दौर से गुजर रहा है और इस समय हमारे देश में 1 जीबी इंटरनेट कोल्‍ड ड्रिंक की एक छोटी बॉटल से भी सस्‍ता है।

उन्‍होंने कहा, ‘भारत और जापान के बीच संबंधों की जड़ें पंथ से लेकर प्रवृति तक हैं। हिंदू हो या बौद्ध मत, हमारी विरासत साझा है। हमारे आराध्य से लेकर अक्षर तक में इस विरासत की झलक मिलती है। भारत और जापान के रिश्तों के ताने बाने में ऐसे अतीत के बहुत से मजबूत धागे हैं। भारत और जापान के इतिहास को जहां बुद्ध और बोस जोड़ते हैं, वहीं वर्तमान को आप जैसे नए भारत के दूत मजबूत कर रहे हैं।’

पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों से कहा, ‘आप वह पुल हैं जो भारत और जापान को, दोनों देशों के लोगों को, संस्कृति और आकांक्षाओं को जोड़ते हैं। जापान में 30 हजार से अधिक का भारतीय समुदाय हमारी संस्कृति के प्रतिनिधि के रूप में काम कर रहा है। जापान में बसे भारतीयों ने जापानी दोस्तों के साथ मिलकर हमेशा से ही देश के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया है। स्वामी विवेकानंद को, नेताजी सुभाष चंद्र बोस को, भारत की आज़ादी के आंदोलन को जो सहयोग जापान से मिला है, वह करोड़ों भारतीयों के दिल में हमेशा रहेगा।’

पीएम मोदी ने कहा, ‘अभी हाल में दुनिया की दो बड़ी संस्थाओं ने भारत के प्रयासों सराहा है और सम्मानित किया है। ग्रीन फ्यूचर में योगदान के लिए संयुक्त राष्ट्र ने और चैंपियन ऑफ द अर्थ के रूप में सोल पीस प्राइज के रूप में भारत को यह सम्मान दिया गया। सोल पीस प्राइज सवा सौ करोड़ जनों के प्रतिनिधि के रूप में भले ही मुझे दिया गया हो लेकिन मेरा योगदान माला के उस धागे जितना है जो मनकों को पिरोता है और संगठित होकर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करता है।’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘भारत आज व्‍यापक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। जनधन, आधार और मोबाइल, यानि JAM से जो पारदर्शिता भारत में आई है, उससे अब दुनिया के दूसरे विकासशील देश भी प्रेरित हो रहे हैं। भारत में बनाए गए इस सिस्टम की स्टडी की जा रही है। इसके अलावा डिजिटल ट्रांजेक्‍शन की हमारी आधुनिक व्यवस्था, जैसे BHIM App और Rupay Card इनको लेकर भी दुनिया के अनेक देशों में उत्सुकता है।’

उन्‍होंने कहा, ‘भारत में 100 करोड़ मोबाइल फोन धारक हैं और हमारे देश में 1 जीबी डेटा कोल्‍ड ड्रिंक की एक छोटी बॉटल से भी सस्‍ता है। हमने बहुत ही कम खर्च में चंद्रयान और मंगलयान अंतरिक्ष में भेजा, अब 2022 तक भारत गगनयान भेजने की तैयारी में जुटा है। ये गगनयान पूरी तरह से भारतीय होगा और इसमें अंतरिक्ष जाने वाला भी भारतीय होगा।’ पीएम मोदी ने जापान में रह रहे भारतीय समुदाय को अगले साल वाराणसी में होने जा रहे प्रवासी भारतीय सम्‍मेलन में शिरकत करने के लिए आमंत्रित किया।

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