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‘ट्रेड वॉर भारतीय सामानों के लिए है बड़ा अवसर’: CII

नई दिल्ली

अमेरिका और चीन के बीच इस समय ट्रेड वॉर चल रहा है और दोनों देश एक दूसरे के यहां से आयात पर शुल्क बढ़ा रहे हैं। हाल में अमेरिका ने चीन से आयात होने वाले उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया है। चीन भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है। इन दो आर्थिक महाशक्तियों के बीच ट्रेड वॉर से भारत के लिए मौके बढ़े हैं। कन्फडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री ने कहा है कि भारत को इस मौके को भुनाना चाहिए।

अमेरिका और चीन के बीच चल रहे ट्रेड वॉर के बीच कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) ने रविवार को कहा कि इससे कुछ भारतीय उत्पाद और ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन जाएंगे। चैंबर की तरफ से किए गए विश्लेषण में कहा गया है कि भारत को मशीनरी, इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट, वीइकल और ट्रांसपोर्ट पार्ट्स, केमिकल्स, प्लास्टिक और रबर के उत्पादों के लिए अमेरिकी बाजार पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

CII ने कहा, ‘चीन और अमेरिका जिस तरह एक दूसरे के यहां से आयात पर शुल्क बढ़ा रहे हैं, उसे देखते हुए भारत को इन दोनों देशों के बाजारों में निर्यात बढ़ाने के लिए तमाम वस्तुओं पर फोकस करना चाहिए।’ चैंबर ने कहा कि अमेरिका को भारत से प्रमुख तौर पर निर्यात होने वाली वस्तुएं उस लिस्ट में शामिल हैं जिन पर यूएस ने टैरिफ बढ़ा दिया है, मसलन- पंप्स, मिलिटरी एयरक्राफ्ट के पुर्जे, इलेक्ट्रोडायग्नोस्टिक उपकरणों के पुर्जे, 1500 से 3000 सीसी तक के पैसंजर वीइकल आदि।

CII के मुताबिक 2017 में इन आइटम्स का निर्यात 5 करोड़ अमेरिकी डॉलर (करीब 343 करोड़ रुपये) से ज्यादा था और अगर मिलजुलकर प्रयास किए जाएं तो इसे बढ़ाया जा सकता है। चैंबर ने बताया कि हाल के वर्षों में वियतनाम, इंडोनेशिया, थाइलैंड और मलयेशिया जैसे देशों ने इन उत्पादों का अमेरिका को निर्यात बढ़ाया है।

CII ने अपने विश्लेषण में कहा है कि इन श्रेणियों में अमेरिका को भारत के मौजूदा निर्यात को देखते हुए रक्षा और ऐरोस्पेस सेक्टर से जुड़े पार्ट्स, वीइकल और ऑटो पार्ट्स, इंजिनियरिंग के सामानों आदि में और ज्यादा निर्यात की क्षमता है। चैंबर ने कहा, ‘अपैरल और टेक्स्टाइल, फुटवियर, खिलौने, गेम्स और मोबाइल फोन मैन्यूफैक्चरिंग भारत में प्रतिस्पर्धात्मक उद्योग बन रहे हैं और इन्हें प्रोत्साहित किए जाने की जरूरत है।’

चैंबर ने सुझाव दिया है कि इन उत्पादों में भारत के प्रतिस्पर्धात्मक लाभ के मद्देनजर अमेरिका के साथ ट्रेड को लेकर रणनीतिक बातचीत करनी चाहिए। सीआईआई ने कहा कि इसके अलावा, भारत के बिजनस क्लाइमेट में अमेरिकी कंपनियों के विश्वास को बढ़ाकर यूएस की तरफ से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

घरेलू उद्योग को लेकर चैंबर ने कहा कि भारत के लिए उत्पादकता को बढ़ाना और साथ में चिह्नित उत्पादों के घरेलू उत्पादन में नई तकनीक को जोड़ना महत्वपूर्ण है। सीआईआई ने उन 818 उत्पादों का अध्ययन किया जिनके चीन से आयात पर अमेरिका ने टैरिफ बढ़ा दिया है। 2012 से 2017 के बीच चीन का अमेरिका को निर्यात काफी बढ़ा है और इसकी मुख्य वजह उच्च तकनीक वाली वस्तुएं जैसे दूरसंचार के उपकरण, ऑटोमोटिव, मोबाइल फोन आदि हैं।

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