Wednesday , September 30 2020

नोटबंदी: कालाधन छिपानेवालों पर ऐक्शन शुरू, बेनामी ऐक्ट में नोटिस

मुंबई

नोटबंदी के करीब दो साल बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने उन लोगों का दरवाजा खटखटाना शुरू किया है, जिन्होंने अपने बैंक खातों में अनअकाउंटेड कैश जमा किया था। रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने इन लोगों को बेनामी ऐक्ट के तहत शुरुआती नोटिस भेजे हैं और जमा की गई नकदी का स्रोत बताने को कहा है। घटनाक्रम से वाकिफ लोगों ने बताया कि पहले चरण में करीब 10000 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं और आने वाले हफ्तों में दूसरों को भी नोटिस भेजे जा सकते हैं।

नवंबर 2016 में की गई नोटबंदी के चलते चलन से बाहर किए गए अधिकतर करंसी नोट बैंकिंग सिस्टम में वापस आ चुके हैं। हालांकि एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने कहा, ‘पैसा लौटा तो है बैंकिंग सिस्टम में, लेकिन वह किसी न किसी नाम से जुड़ा है। न केवल इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, बल्कि कई अन्य सरकारी विभाग भी अब इस डेटा का उपयोग भविष्य में जांच में कर सकते हैं।’

टैक्स चोरी करने वालों की शामत
इंडस्ट्री पर नजर रखने वालों का कहना है कि बेनामी ऐक्ट काफी कड़ा है और इन नोटिसों के चलते कई लोगों को जेल भी हो सकती है। अशोक माहेश्वरी ऐंड असोसिएट्स के पार्टनर अमित माहेश्वरी ने कहा, ‘इनकम टैक्स को जिन कैश डिपॉजिट के बेहिसाबी होने का शक था, उनके मामलों में अब बेनामी नोटिस भेजे गए हैं। अभी तो फोकस बड़े ट्रांजैक्शंस पर दिख रहा है, लेकिन इन नोटिसों का मतलब यह है कि टैक्स चोरी करने वालों की शामत आ सकती है।’

बिग डेटा का इस्तेमाल
सूत्रों ने बताया कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट बिग डेटा एनालिटिक्स का उपयोग कर रहा है। टैक्स विभाग फोन रेकॉर्ड, क्रेडिट कार्ड, पैन डिटेल, टैक्स स्ट्रक्चर के अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हासिल सूचना भी खंगाल रहा है। घटनाक्रम से वाकिफ एक अन्य शख्स ने बताया, ‘विभिन्न स्रोतों से हासिल डेटा से एक पैटर्न का पता चलता है। एनालिटिक्स से संदेह वाली चीजों का खुलासा होता है, जिस पर टैक्स अधिकारी आगे जांच कर सकते हैं।’

खाता धारक के साथ पैसे जमा करने वाले पर कार्रवाई
केपीबी ऐंड असोसिएट्स के पार्टनर पारस सावला ने कहा, ‘बेनामी नोटिस अभी शुरुआती स्तर के हैं। ये उन लोगों को भेजे गए हैं, जिन्होंने अनअकाउंटेड कैश जमा किया था या जिनका कैश डिपॉजिट उनकी इनकम के मुताबिक नहीं था। कई मामलों में लोगों ने ऐसे बैंक खातों में पैसा जमा किया, जो उनके नहीं थे। ये नोटिस भेजे जाने का मतलब यह है कि बैंक खाता धारक और पैसे जमा करने वाले, दोनों को बेनामी ऐक्ट के तहत जांच का सामना करना होगा।’

इससे पहले टैक्स डिपार्टमेंट ने कथित टैक्स चोरों को नोटिस भेजे थे और उनकी प्रॉपर्टीज पर छापे मारे थे। कई मामलों में बेनामी प्रॉपर्टी रखने वालों को नोटिस भेजे गए, जो कुछ अमीर लोगों के ड्राइवर या उनके रिश्तेदार थे। हो सकता है कि इन अमीरों ने इनकम पर टैक्स देने से बचने के लिए इनके नाम पर प्रॉपर्टी खरीदी हो।

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