Wednesday , October 21 2020

पश्चिम बंगाल : आंतरिक कलह की शिकार हो रही BJP?

कोलकाता

बीजेपी की बंगाल इकाई को आंतरिक कलह का सामना करना पड़ रहा है, जिससे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की तरफ से 2019 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल से 22 सीटों को हासिल करने का लक्ष्य प्रभावित हो सकता है। पश्चिम बंगाल बीजेपी के कई शीर्ष पदाधिकारियों ने शाह को ढेरों पत्र लिखे हैं, जिनमें गुटबाजी, भ्रष्टाचार, घोटाले और यहां तक कि पार्टी पदाधिकारियों के बीच टीएमसी के जासूस होने की बात कही गई है। पश्चिम बंगाल बीजेपी उपाध्यक्ष चंद्र बोस ने पिछले महीने शाह को 6 लेटर लिखे। इनमें कहा गया है कि पार्टी के केंद्रीय नेताओं को बूथ कमिटी, पंचायत और जिलों से जुड़े गलत डेटा दिए जा रहे हैं। लेटर में ‘आंतरिक तोड़-फोड़’ और ‘टीएमसी के साथ मिलीभगत’ के जिक्र के साथ यह भी कहा गया है कि कैसे बीजेपी राज्य के ‘बंगाली हिंदू वोटरों’ को लुभाने में नाकाम रही है।

10 जुलाई को शाह को लिखे लेटर में बोस ने कहा है, ‘आपको बूथ कमिटी के बारे में दी गई जानकारी गलत है और इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। जो बूथ कमिटियां पहले बनाई गई हैं, उनके पास कोई खास काम नहीं है।’ पार्टी की सफलता की राह में गुटबाजी को मुख्य रोड़ा बताते हुए बोस ने लिखा है, ‘पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।’ शाह को लिखे दूसरे लेटर में बोस ने कहा कि उन्हें बंगाल बीजेपी के कमिटी मेंबर तुषार चटर्जी से 30 से ज्यादा सीटें जीतने के प्रस्ताव की जानकारी मिली है।

बोस ने लिखा, ‘बंगाल बीजेपी के वर्तमान नेताओं में से वोटर किसी को भी गंभीरता से नहीं लेगा। इन नेताओं का एजुकेशनल और प्रफेशनल बैकग्राउंड खराब है। उन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। वहीं, टीएमसी के साथ मिलीभगत, राजनीतिक और प्रफेशनल अपरिपक्वता, बिना विजन और चुनावी स्ट्रैटजी न होने से चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन प्रभावित होगा। खास बात यह है कि सभी नेता राजनीतिक डीलिंग से ज्यादा पैसे बनाने में लगे हुए हैं। इनकी हरकतों से पार्टी की छवि खराब हो है।’

बोस ने शिकायती पत्र में बीजेपी के केंद्रीय पर्यवेक्षकों को भी नहीं बख्शा है। बोस ने लिखा है, ‘पिछले 3 साल में बंगाल में इनकी उपलब्धियां सीमित रही हैं क्योंकि ये बंगाली समुदाय की भावनाओं को नहीं समझते। ये बिना किसी मतलब की सलाह देने के साथ दिल्ली को गलत जानकारी दे रहे हैं, जिससे इनकी कुर्सी बची रहे।’ बोस ने बीजेपी के राज्यसभा सांसद स्वप्न दासगुप्त और वरिष्ठ कार्यकर्ता कंचन गुप्ता को बंगाल का पर्यवेक्षक बनाने का प्रस्ताव दिया है। बीजेपी की बंगाल इकाई के उपाध्यक्ष होने के साथ ही बोस, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परपोते हैं।

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