बिन्नी कांड के बाद दहशत में ‘नए पुरुष मालिक’

बेंगलुरु

फ्लिपकार्ट के संस्थापक व समूह के सीईओ बिन्नी बंसल के कथित दुर्व्यहार को लेकर इस्तीफे के बाद देश के स्टार्टअप में खलबली मची हुई है। हालात यह है कि इस हाईप्रोफाइल घटनाक्रम के बाद देश का स्टार्टअप कल्चर उलझ सकता है। कई स्टार्टअप संस्थापकों ने टाइम्स ऑफ इंडिया (टीओआई) से बातचीत के दौरान बताया कि उन्होंने अपने सह-संस्थापकों और मेंटर्स के साथ गवर्नेंस को और सख्त बनाने के साथ डिस्क्लोजर को नियमित और समयबद्ध करने की जरूरतों पर चर्चा की है।

कुछ स्टार्टअप इस बात को लेकर और अधिक संवेदनशील हो गए हैं कि स्टार्टअप में संस्थापकों व सीनियर एग्जिक्युटिव अपने महिला सहकर्मियों के साथ संवाद स्थापित करें। मीटू मूवमेंट से स्टार्टअप का ईकोसिस्टम पहले ही प्रभावित हुआ है, जिसके बाद बंसल के इस्तीफे से साथी उद्यमियों के लिए मामला और महत्वपूर्ण हो गया है। पुरुष संस्थापकों के बीच असुरक्षा का भाव है। वहीं, महिला संस्थापकों ने कहा कि अब जो चर्चा होगी, उसका परिणाम दीर्घकालिक स्वस्थ बदलाव होगा। बात करने वाले अधिकतर संस्थापकों ने नाम जाहिर न करने की इच्छा जताई।

काम करने के तरीके में आएगा बदलाव
एक स्टार्ट अप के संस्थापक ने कहा, ‘हालिया घटनाक्रम स्टार्टअप के आंतरिक रूप से काम करने के तरीके में मौलिक बदलाव ला सकता है, खासकर वैसी कंपनियों में जहां संस्थापक 25 साल तक आयुवर्ग के हैं। उन्होंने कहा कि कार्यस्थलों के माहौल में अधिक से अधिक संवेदनशीलता अच्छी बात है, लेकिन इसका इस्तेमाल आने वाले समय में संस्थापकों को फंसाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। अन्य संस्थापकों ने भी कहा है कि कार्यस्थल पर महिलाओं से व्यवहार करने के मामले में सतर्कता बरत रहे हैं, लेकिन इस बात को लेकर चिंतित भी हैं कि एक ‘छोटा सा मजाक’ भी आगे जाकर उनके लिए काल न बन जाए।

स्टार्टअप में पुरुषों का बोलबाला
वैश्विक स्टार्टअप की तरह ही भारत के स्टार्टअप में भी पुरुषों का ही बोलबाला है। फ्लाईरोब की सह संस्थापक श्रेया मिश्रा ने कहा कि स्टार्टअप कल्चर को लेकर कुछ पुरुषों में असुरक्षा की भावना घर कर सकती है, लेकिन फिलहाल यह कोई बड़ी चिंता की बात नहीं है। बजाय इसके कि हमें यह देखना चाहिए कि कितनी महिलाओं को ऐसे मुद्दों से गुजरना पड़ा है। और सही कदम उठाने का यह उचित समय है।

नहीं हुई आरोपों की पुष्टि
बिन्नी के मामले में जांच में शिकायतकर्ता के आरोप की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन कंपनी ने कहा कि इसमें बिन्नी की तरफ से पारदर्शिता नहीं बरती गई। माना जा रहा है कि जब वॉलमार्ट कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के लिए फ्लिपकार्ट का ड्यू डेलिजेंस कर रही थी, तब बिन्नी ने अपने ऊपर लगे आरोपों का खुलासा नहीं किया।

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में एक अज्ञात स्रोत के हवाले से कहा गया है कि जुलाई में बिन्नी के खिलाफ यौन दुर्व्यहार का आरोप सामने आया था। आरोप लगाने वाली महिला फ्लिपकार्ट की पूर्व कर्मी थी और उसने आरोप लगाया कि कुछ साल पहले बिन्नी ने उसका यौन शोषण किया था। जबकि बिन्नी ने आरोपों को खारिज कर दिया।

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