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बिहार शेल्टर होम: TISS की रिपोर्ट में चौंकाने वाले शर्मनाक खुलासे

शौचालयों में दरवाजे नहीं, बच्चियों से लिखवाई गईं अश्लील बातें

पटना

बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में बच्चियों से रेप का मामला सामने आने के बाद बिहार के शेल्टर होम्स के बारे में लगातार चौंका देने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) की हालिया ऑडिट रिपोर्ट से जो बातें पता चलती हैं, उनसे साफ होता है कि न सिर्फ वहां यौन, मानसिक और शारीरिक शोषण किया जाता है बल्कि वहां का कामकाज बदतर तरीके से होता था।

TISS की रिपोर्ट के मुताबिक, 14 ऐसे शेल्टर होम थे जहां यौन और शारीरिक प्रताड़ना दी जाती थी। इनमें से कई ऐसे भी थे जहां शौचालयों में दरवाजे नहीं थे और स्टाफ को वहां रहने वालों के बारे में बेहद संवेदनशील बातें पता थीं। इन शेल्टर होम्स में लाई गईं बच्चियों में से कई रेप पीड़िताएं थी। दूसरी यौन शोषण की शिकार थीं। कई घर से भागी हुई थीं।

110 शेल्टर होम्स का सर्वे
TISS की रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि इन शेल्टर होम्स की हालत बेहद जर्जर थी। साफ-सफाई और गंदगी की निकासी एक बड़ी समस्या पाई गई। रिपोर्ट में 110 शेल्टर होम्स और ऐसे संस्थानों का सर्वे किया गया था जिनमें से अधिकतर की हालत खस्ता थी। TISS की रिपोर्ट में मोतिहारी, मुंगेर, गया, अररिया और पटना के शेल्टर होम में बदसलूकी का खास जिक्र किया गया था।

कहीं मारपीट, कहीं अश्लीलता
रिपोर्ट के अनुसार, 14 शेल्टर होम में हमें प्लास्टिक बॉटल में पेशाब मिला, क्योंकि रात में बच्चों को ताले में बंद कर दिया जाता था। मोतिहारी में लोगों को मोटे पाइप से पीटा गया। मुंगेर में बच्चों को जेल जैसे रखा गया। गया में बच्चियों से अश्लील बातें लिखवाई गईं। अररिया में बच्चों को पुलिसवालों ने पीटा। पटना में दवाएं और कपड़ों का अभाव था।

बता दें कि हाजीपुर के शेल्टर होम का ताजा मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने अल्पवास गृह के प्रमुख कार्यकर्ता मनमोहन प्रसाद को शेल्टर होम की लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया है।

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