भारत-जापान के सहयोग के बिना 21वीं सदी एशिया की नहीं हो सकती: मोदी

जापान

जापान की यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत और जापान के सहयोग के बिना 21वीं सदी एशिया की नहीं हो सकती. हमारा इरादा विश्व शांति को बढ़ावा देना है. जापान और भारत के संबंधों को हिंद और प्रशांत महासागर सी गहराई और विस्तार प्राप्त है. ये संबंध दर्शाते हैं लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून के राज के प्रति हम कितने प्रतिबद्द हैं. जापान पूरब और पश्चिम की सभ्यताओं का सर्वश्रेष्ठ संगम है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे की सोमवार को हुई शिखर वार्ता के बाद भारत और जापान ने एक हाई स्पीड रेल परियोजना और नौसेना सहयोग समेत 6 समझौतों पर हस्ताक्षर किए और टू प्लस टू वार्ता करने पर सहमति जताई.

दोनों देशों के रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री भी मिलेंगे
13वीं शिखर वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ इस बात पर भी सहमित बनी है कि दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों और विदेश मंत्रियों के बीच भी बातचीत होगी. मोदी ने कहा कि इस यात्रा के दौरान द्विपक्षीय करेन्सी स्वाप पर भी सहमति बनी है. इससे साफ है कि दोनों देश कैसे एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं. हमारे बीच इसकी भी सहमति है कि डिजिटल पार्टनरशिप से साइबर स्पेस तक हम साथ होंगे. स्वास्थ्य से लेकर सुरक्षा तक हर क्षेत्र को दोनों देश विस्तार देंगे. पीएम ने कहा कि उन्हें जानकारी दी गई है कि सोमवार को जापान के निवेशकों ने भारत में 2.5 बिलियन यूएस डॉलर के नए निवेश की घोषणा की है.

भारत पर विश्वास व्यक्त करने के लिए शुक्रिया
मोदी ने कहा कि जापान वही महान देश है जिसने सिखाया है कि मानव जाति के विकास का रास्ता पुरातन और नूतन के बीच टकराव का नहीं, बल्कि उनके सह-अस्तित्व और सृजन का है. पीएम ने जापान के उद्यमी वर्ग का भारत पर विशेष विश्वास करने के लिए आभार भी व्यक्त किया. पीएम ने कहा कि आप सभी को आमंत्रित करता हूं कि भारत में आएं और निवेश को गति दें. पीएम ने कहा कि भारत टेक्नॉलजी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है. इलेक्ट्रिक मोबिलिटी एक ऐसा क्षेत्र हैं जिसमें भारत और जापान के बीच का सहयोग दोनों देशों के लिए बेहद लाभदायक साबित होने जा रहा है. अगर जापान के लोग भारत में व्यापार करने आते हैं तो उन्हें निर्माण की कम लागत और सस्ते लेबर का लाभ मिलेगा.

भारत का सॉफ्टवेयर और जापान का हार्डवेयर
मोदी ने कहा कि भारत आईटी के क्षेत्र में बड़ी शक्ति है. अगर जापान का हार्डवेयर और भारत का सॉफ्टवेयर मिल जाए तो कमाल हो सकता है. पीएम ने कहा कि पहली यात्रा के दौरान उन्होंने जापान प्लस नाम की संस्था खड़ी करने की बात की थी. यह इन्वेस्ट इंडिया के साथ मिलकर काम करती है. इन्वेस्ट इंडिया को बेहतरीन कार्यों के लिए यूनाइटेड नेशंस ने वैश्विक सम्मान से सम्मानित किया है. पीएम ने यह भी कहा कि भारत ने ईज ऑफ डूईंग बिजनेस को और बढ़ावा देने के लिए देश के राज्यों के बीच रैंकिंग भी शुरू कर दी है जिसके बेहतर परिणाम दिखने लगे हैं.

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