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मध्य प्रदेश: कार्यकर्ताओं का ‘महाकुंभ’, तैयारियों के लिए बीजेपी कर रही ‘महाखर्च’

भोपाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार यानी 25 सितंबर को भोपाल दौरे पर हैं। वह यहां भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की प्रदेश इकाई द्वारा आयोजित कार्यकर्ता महाकुंभ में शामिल होंगे। बता दें कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती पर यह महाकुंभ आयोजित किया गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस आयोजन पर बीजेपी 100 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। यहीं से भारतीय जनता पार्टी द्वारा विधानसभा चुनाव प्रचार का आगाज होगा।

बीजेपी के मुताबिक इस महाकुंभ में प्रदेश भर से करीब 12 लाख कार्यकर्ता आएंगे। इसी के मद्देनजर तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन समिति के एक सदस्य के मुताबिक, पार्टी ने हर बूथ से 20 कार्यकर्ताओं को लाने का लक्ष्य रखा है। मध्य प्रदेश में कुल 65,341 बूथ हैं। इस हिसाब से भी यदि गौर करें तो संख्या का लक्ष्य आसानी से पूरा हो जाएगा। कार्यकर्ताओं की संख्या को देखते हुए ही भोपाल के सबसे बड़े जंबूरी मैदान में यह महाकुंभ आयोजित किया जा रहा है।

एक दिन के खाने पर 2 करोड़ खर्च!
सूत्रों के मुताबिक, करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से तंबू आदि की व्यवस्था आदि की गई है। एक दिन की भोजन व्यवस्था पर ही करीब दो करोड़ रुपये खर्च होंगे। शिवराज सरकार के वरिष्ठ मंत्री उमाशंकर गुप्ता आयोजन व्यवस्था के प्रमुख सूत्रधार हैं।

कार्यकर्ताओं के लिए चलाई जाएंगी विशेष ट्रेनें
महाकुंभ में कार्यकर्ताओं को लाने के लिए बसों की व्यवस्था के साथ-साथ विशेष ट्रेनें भी चलवाने का प्रबंध किया गया है। रेलवे की तैयारियों का जायजा खुद रेलमंत्री पीयूष गोयल ने भोपाल पहुंचकर लिया। इस महाकुंभ की वजह से रेलवे ने 25 सितंबर को होने वाली अपनी भर्ती परीक्षा भी रद्द कर दी है।

आयोजन समिति और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष राकेश सिंह कुल व्यय यानी खर्च के बारे में कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। राकेश सिंह ने दो दिन पहले व्यवस्था देखने के लिये आयोजन स्थल का दौरा करते समय मीडिया को भी बुलाया था लेकिन जब उनसे खर्च के बारे में पूछा गया तो उन्होंने यह कह कर टाल दिया था कि जब खर्च कर लेंगे, तब जोड़कर बता देंगे।

कांग्रेस ने खर्च पर उठाया सवाल
कांग्रेस ने इस महाकुंभ पर सवाल उठाया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने आरोप लगाया है कि बीजेपी इस महाकुंभ के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है। वह विभिन्न सरकारी विभागों का पैसा इस पर खर्च कर रही है। शिवराज सिंह चौहान, पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह के सामने भीड़ जुटाकर अपनी लोकप्रियता दिखाना चाहते हैं। यह गरीबों के धन का दुरुपयोग है।

दूसरी ओर बीजेपी सूत्रों का कहना है कि दावा कुछ भी हो लेकिन महाकुंभ में तीन लाख से ज्यादा लोगों नहीं लाया जा सकेगा। इसके कई कारण हैं। खुद आयोजकों को भी यह हकीकत मालूम है इसीलिए उन्होंने करीब पांच लाख लोगों के लिए इंतजाम किया है।

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