Wednesday , October 28 2020

मुझसे सेक्स करना चाहते थे कई धर्मगुरु: गे प्रिंस

वडोदरा

राजपिपला के समलैंगिक राजकुमार मानवेंद्र सिंह गोहिल ने दावा किया है कि देश के कई बड़े धर्मगुरु उनके साथ सेक्स करना चाहते थे। गोहिल राजपरिवार से जुड़े देश के ऐसे पहले शख्स हैं, जिन्होंने अपनी यौन पहचान सबके सामने जाहिर की है। उन्होंने गुरुवार को आणंद जिले के वल्लभ विद्यानगर में सरदार पटेल विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में स्टूडेंट्स व शिक्षकों के बीच इस बात पर चर्चा की। वह विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग में बोल रहे थे।

राजकुमार मानवेंद्र गोहिल को विश्वविद्यालय में ‘एलजीबीटीक्यू- मुद्दे व चिंताएं’ विषय पर आयोजित चर्चा में बुलाया गया था। यहां सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में समलैंगिकता से जुड़ी धारा-377 पर आए ऐतिहासिक फैसले पर वह संबोधन दे रहे थे। राजकुमार मानवेंद्र ने कहा, ‘2013 में देश भर के धार्मिक गुरु व नेता हमारे खिलाफ साथ आ गए थे। मैंने यह अमेरिका में भी कहा था कि भारत इतिहास रचता है। हमारे देश के इतिहास में पहली बार देशभर के धर्मगुरु साथ आ गए, चाहे वे हिंदू हों, मुस्लिम हों या ईसाई हों। वजह वही एक, 377 की खिलाफत।’

भारत में समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से मुक्त कराने के संघर्ष का जिक्र करते हुए मानवेंद्र ने धर्मगुरुओं को पाखंडी और दोगला बताया। उन्होंने कहा, ‘मुझे यह बताने में कोई शर्म नहीं है कि कई धर्मगुरु मेरे पास आए और सेक्स करने की मांग रखी।’ उन्होंने कहा, ‘यहां तक कि एचआईवी स्क्रीनिंग को प्रमोट करने के लिए मैंने आश्रमों को केंद्र में रखा। मैंने कार्यकर्ताओं को आश्रमों में जाकर एचआईवी टेस्ट करने को कहा क्योंकि वहां एचआईवी पीड़ित लोग मिल सकते हैं।’

सुप्रीम कोर्ट के फैसले की तारीफ करते हुए गोहिल ने कहा कि उनके ‘लक्ष्य ट्रस्ट’ के कर्मचारियों और स्वयंसेवी साथियों ने पुलिस से बहुत अपमान सहा है। उन्होंने बताया कि कॉन्डम बांटने तक के लिए उनके ट्रस्ट के लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि हम गुजरात सरकार द्वारा स्वीकृति के बाद ही अभियान चला रहे थे। उन्होंने 377 को वैधता मिलने को जीत बताया।

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