शुरू हो शांति वार्ता, इमरान की मोदी को चिट्ठी

नई दिल्ली

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने फिर से शांति वार्ता शुरू करवाने के लिए पीएम मोदी को पत्र लिखा है। खास बात यह है कि उन्होंने यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली की मीटिंग से इतर भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के बीच मीटिंग का आग्रह किया है। इस महीने के बाद न्यू यॉर्क में यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली (यूएनजीए) की मीटिंग होनी है। खान का यह पत्र पीएम मोदी के उस संदेश का जवाब है जिसमें उन्होंने दोनों देशों के बीच ‘फलदायक और रचनात्मक’ संबंधों का संकेत दिया था। इमरान खान ने भी पाकिस्तान चुनाव में अपनी जीत के बाद कहा था कि अगर संबंधों के सुधार की दिशा में भारत एक कदम आगे बढ़ाता है तो वह दो कदम आगे बढ़ाएंगे।

पिछले कुछ हफ्तों से यह अटकलें तेज हो रही थीं कि यूएन जनरल असेंबली में स्वराज और कुरैशी के बीच मीटिंग होगी या नहीं। खान का पत्र भारत और पाकिस्तान के बीच ठोस संबंध दोबारा शुरू करने के लिए पहला औपचारिक प्रस्ताव भी है। राजनयिक सूत्रों से पता चला है कि खान ने अपने पत्र में उस व्यापक द्विपक्षीय वार्ता प्रक्रिया को फिर से शुरू कराने का आग्रह किया है जो दिसंबर 2015 में शुरू की गई थी। पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले के बाद वार्ता की यह प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी। खान ने अपने पत्र में कहा है कि भारत और पाकिस्तान को आतंकवाद और कश्मीर संबंधित सभी बड़े मुद्दों का वार्ता के माध्यम से समाधान पर गौर करना चाहिए।

दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच आखिरी वार्ता दिसंबर 2015 में
दिसंबर 2015 में सुषमा स्वराज हार्ट ऑफ एशिया कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए इस्लामाबाद गई थीं। उस समय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के स्तर पर पाकिस्तान के साथ आखिरी ठोस संवाद हुआ था। उस समय जारी किए गए संयुक्त बयान में कहा गया था कि दोनों देशों के विदेश सचिव कई मामलों पर व्यापक चर्चा के लिए मीटिंग की संभावनाओं और शेड्यूल तैयार करने पर काम करेंगे। जिन मुद्दों पर चर्चा होनी थी, उनमें शांति और सुरक्षा, सीबीएम, जम्मू-कश्मीर, सियाचिन, सर क्रीक, वुलर बैराज/तुलबुल नेविगेशन प्रॉजेक्ट, आर्थिक एवं वाणिज्यिक सहयोग, आतंकवाद निरोधी कदम, नारकोटिक्स कंट्रोल, मानवीय मुद्दे, लोगों से लोगों के बीच आदान-प्रदान और धार्मिक पर्यटन’ समेत कई मामले शामिल थे।

मोदी सरकार ने इस्लामाबाद को संकेत दिया था कि पाकिस्तानी धरती से संचालित होने वाले और भारत को निशाना बनाने वाले आतंकी संगठनों पर ठोस कार्रवाई करके फलदायक बातचीत के लिए पाकिस्तान अनुकूल माहौल तैयार करे। इमरान खान को लिखे अपने पत्र में मोदी ने उनसे पहले फोन पर हुई बात का हवाला दिया था। फोन पर उनके बीच भारतीय उपमहाद्वीप को हिंसा और आतंक से मुक्त करके और विकास पर ध्यान केंद्रित करके क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समृद्धि लाने को लेकर बातचीत हुई थी।

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