सबरीमाला: लेफ्ट ने बाबरी से जोड़ कहा- संघ और बीजेपी की साजिश

नई दिल्ली

सबरीमाला में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को पुलिस फोर्स की सुरक्षा में दो महिलाओं ने मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश की लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इसे मुमकिन नहीं होने दिया। इस विवाद में राजनीतिक दल भी एक दूसरे के ऊपर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इस बीच, सीपीएम ने सबरीमाला विवाद की तुलना बाबरी मस्जिद विवाद से कर दी है।

सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि सबरीमाला प्रदर्शन और बाबरी प्रकरण का पैटर्न एक ही जैसा है। येचुरी ने सारे विवाद का ठीकरा बीजेपी और संघ पर फोड़ा है। साथ ही कांग्रेस को घेरते हुए यह भी कहा कि वहां चोर ही पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं। येचुरी ने कहा है कि किसी भी श्रद्धालु को मंदिर में प्रवेश से रोका नहीं जा रहा लेकिन कुछ असामाजिक तत्व इसकी आड़ में समस्या खड़ी कर रहे हैं।

राज्य देवासम मंत्री ने साजिश की आशंका जताई
उधर, केरल सरकार इस पूरे विवाद के दौरान बैकफुट पर नजर आ रही है। राज्य देवासम (धार्मिक ट्रस्ट) मंत्री काडाकमपल्ली सुंदरन ने कहा है कि कुछ लोग जानबूझकर समस्या खड़ी करना चाह रहे थे। यही वजह है कि उन्हें मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस मामले में साजिश रची गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि दो महिलाएं जब पवित्र 18 कदम की चढ़ाई शुरू करतीं तो यहां के प्रदर्शन को पूरे केरल में फैलाने की साजिश थी। उन्होंने कहा कि हम उन ताकतों का साथ नहीं दे सकते जो रक्तपात की तैयारी कर रहे थे।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद शुक्रवार को महिलाएं सबरीमाला मंदिर में प्रवेश नहीं पाईं। प्रदर्शनकारियों के दबाव की वजह से पुलिस को जहां पीछे हटना पड़ा, वहीं मंदिर जाने के लिए निकलीं दो महिलाओं को भी लौटना पड़ा। केरल सरकार ने कहा कि मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश की इजाजत है लेकिन कुछ ऐक्टिविस्ट भी घुसने की कोशिश में थीं। हैदराबाद के मोजो टीवी की जर्नलिस्ट कविता जक्कल और ऐक्टिविस्ट रिहाना फातिमा मंदिर में नहीं घुस पाईं।

कांग्रेस ने भी साधा निशाना
इस बीच कांग्रेस नेता आर. चेन्निथला ने कहा है कि सबरीमाला मंदिर कोई पर्यटन स्थल नहीं है। सिर्फ श्रद्धालु ही मंदिर में जा सकते हैं। इस समय केरल की पुलिस जो कर रही है वह गलत है। अगर हमारी सरकार होती तो हम इस मामले को अच्‍छे से हैंडल करते। हम भक्‍तों से बात करते और हिंसा नहीं होती।

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