सुप्रीम कोर्ट का फैसलाः दिवाली पर बिकेंगे पटाखे, पर शर्तों के साथ

नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री पर पूरी तरह से बैन लगाने से साफ इनकार कर दिया है। हालांकि शीर्ष अदालत ने कुछ शर्तें भी रखी हैं। मंगलवार को SC ने अपने फैसले में कहा कि पटाखों की ऑनलाइन बिक्री नहीं की जा सकती है। कोर्ट ने ई-कॉमर्स पोर्टल्स को पटाखे बेचने से रोक दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पटाखों को केवल लाइसेंस पाए ट्रेडर्स ही बेच सकते हैं। आपको बता दें कि वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए देशभर में पटाखों के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इस पर अहम फैसला दिया। कोर्ट ने कम आवाज वाले पटाखे जलाने का आदेश दिया है ताकि प्रदूषण से मुक्ति मिल सके।

बिकेंगे ग्रीन पटाखे, दिवाली पर टाइम भी तय
सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाने वाले पटाखों के उत्पादन एवं बिक्री की अनुमति दी है, जिनसे देशभर में कम उत्सर्जन होगा। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कुछ दिन बाद ही दिवाली का त्योहार है। दिवाली पर पटाखे फोड़ने के लिए कोर्ट ने टाइम भी तय किया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक दिवाली पर शाम 8 से 10 बजे तक ही पटाखे फोड़े जा सकेंगे।

इससे पहले मामले में 28 अगस्त को जस्टिस एके सीकरी और अशोक भूषण की पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने पहले कहा था कि प्रतिबंध से जुड़ी याचिका पर विचार करते समय पटाखा उत्पादकों की आजीविका के मौलिक अधिकार और देश के 1.3 अरब लोगों के स्वास्थ्य अधिकार समेत विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखना होगा।

अदालत ने अपने फैसले में क्या-क्या कहा
अदालत ने कहा कि बाजार में केवल मानक डेसीबल ध्वनि सीमा वाले पटाखों की बिक्री को ही अनुमति मिलेगी। शीर्ष अदालत ने साथ ही केंद्र से दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दीपावली एवं अन्य त्योहारों के दौरान सामुदायिक स्तर पर पटाखे छोड़े जाने को प्रोत्साहन देने के लिए कहा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी राज्यों को त्योहारों के दौरान सामुदायिक रूप से पटाखे छोड़े जाने की कोशिशों पर विचार करने का निर्देश दिया।

SC ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद-21 (जीवन के अधिकार) सभी वर्ग के लोगों पर लागू होता है और पटाखों पर देशव्यापी प्रतिबंध पर विचार करते समय संतुलन बरकरार रखने की जरूरत है। कोर्ट ने केंद्र से प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए उपाय सुझाने और यह बताने को कहा था कि पटाखे पर प्रतिबंध लगाने से व्यापक रूप से जनता पर क्या प्रस्ताव पड़ेगा।

पटाखे जलाने से पहले सुप्रीम कोर्ट की ये बड़ी शर्ते पढ़ लीजिए
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार पटाखों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने से इनकार करते हुए कुछ शर्तों के साथ इसकी बिक्री की इजाजत दे दी है। कोर्ट ने इसके साथ ही प्रदूषण के मद्देनजर पटाखे लगाने के लिए भी कुछ शर्तें लगाई हैं। पढ़िए क्या है पटाखों पर सुप्रीम कोर्ट की शर्तें…
1. दिवाली पर शाम से 8 से रात 10 बजे तक ही पटाखे जलाए जा सकेंगे।
2. दिवाली पर पटाखों वाली लड़ियां नहीं जलाई जा सकेंगी। बिक्री पर भी रोक लगी।
3. निर्देशों का पालन करवाने की जिम्मेदारी SHO की होगी। उल्लंघन पर अवमानना का केस चलेगा।
4. पटाखे ऑनलाइन नहीं खरीद सकेंगे। ऑनलाइन पटाखा बिक्री पर रोक लगाई गई।
5. ग्रीन (इको फ्रेंडली) पटाखे जलाने पर जोर। कम प्रदूषण फैलाने वाले पटाखे बेचने का निर्देश।
6. केवल लाइसेंस प्राप्त ट्रेडर्स ही दिवाली पर पटाखे बेच पाएंगे।
7. क्रिसमस और नए साल के जश्न के लिए भी पटाखा जलाने के नियम। क्रिसमस और नए साल पर रात 11.45 से 12.30 बजे के बीच ही पटाखे जलाए जा सकेंगे।

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