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स्टैचू ऑफ यूनिटी: हमेशा रह जाएगी यह कमी!

वडोदरा

दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति ‘स्टैचू ऑफ यूनिटी’ का उद्घाटन 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। भारत के ‘लौह पुरुष’ सरदार वल्लभ भाई पटेल के जीवन पर आधारित म्यूजियम भी देश के लोगों को समर्पित किया जाएगा लेकिन पांच साल के कठिन प्रयास के बाद भी इस म्यूजिम में लौह पुरुष के जीवन से संबंधित दो प्रमुख लोगों उनके पिता और उनकी पत्नी की तस्वीर नहीं लग पाई है।पिता झावेर भाई और पत्नी जावेरबा का भारत के पहले गृह मंत्री और उपप्रधानमंत्री वल्लभ भाई पटेल के जीवन में अहम रोल था। कई दशकों से पूरे देश के शोधकर्ता झावेर भाई और जावेरबा की तस्वीरें खोजने का प्रयास कर रहे हैं।

हर एजेंसी से मिली सिर्फ निराशा
यह विडम्बना ही है कि गूगल पर भारत और पाकिस्तान के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पत्नियों कस्तूरबा गांधी, कमला नेहरू और रतनबाई जिन्ना लिखते ही तमाम तस्वीरें आ जाती हैं लेकिन लौह पुरुष के पिता और पत्नी की कोई तस्वीर गूगल पर नहीं है।

सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय एकता ट्रस्ट के चीफ मैनेजर और स्टैचू ऑफ यूनिटी प्रॉजेक्ट के लिए बनाई गई मुख्यमंत्री की कमिटी के अध्यक्ष संजय जोशी ने बताया, ‘2013 से हम देश की हर एक एजेंसी से संपर्क कर चुके हैं। हमने नेहरू मेमोरियल दिल्ली, नैशनल आर्काइव्स ऑफ इंडिया, शाहीबाग मेमोरियल अहमदाबाद, आनंद के करमसद मेमोरियल और यहां तक कि बारदोली आश्रम में भी हमने संपर्क किया लेकिन हमें हर जगह से निराशा ही हाथ लगी। हमें कहीं से भी वल्लभ भाई पटेल के पिता और पत्नी की तस्वीर नहीं मिल सकी।’

अखबार में विज्ञापन भी निकाला गया
उन्होंने बताया, ‘यहां तक की हम लोगों ने अखबार में इसका विज्ञापन निकाला। विज्ञापन में लोगों से अनुरोध किया गया कि अगर उनके पास सरदार वल्लभ भाई पटेल के पिता और पत्नी की तस्वीर हो तो वे हम लोगों से संपर्क करें।’

संजय जोशी ने बताया कि उनकी टीम पुणे, वर्धा और मुंबई गई। वहां से सरदार वल्लभ भाई पटेल से संबंधित 40,000 दस्तावेज और 2,000 तस्वीरें लाई गईं। लौह पुरुष की लिखी गई 250 किताबों का ई फॉर्मेट भी लाया गया लेकिन उनके पिता और पत्नी की तस्वीर नहीं मिल पाई।

पटेल के ननिहाल में भी किया गया संपर्क
उन्होंने बताया कि शोधकर्ता बीते दस वर्षों से ये तस्वीरें खोज रहे हैं लेकिन कुछ हासिल नहीं हो सका। सरदार वल्लभ भाई पटेल और वीर विट्ठलभाई पटेल मेमोरियल के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी रमेश प्रजापति ने बताया, ‘2014 में उनके यहां एक लेखक आया था। उसने दावा किया था कि उसके पास जावेरबा की तस्वीरें हैं। हम लोगों ने उसे 25,000 रुपये ऑफर किए और एक तस्वीर उससे मांगी। लेकिन 14 साल हो गए, वह लेखक आजतक लौटकर नहीं आया।’रमेश प्रजापति ने बताया कि आनंद के बाहरी इलाके में गाना गांव है। जावेरबा यहीं की रहने वाली थीं। यहीं पर लौह पुरुष का ननिहाल भी था। वहां के हर घर में तस्वीरों के लिए संपर्क किया गया लेकिन वहां भी किसी के पास उन लोगों को कोई तस्वीर नहीं मिली।

कोर्ट में बहस और पत्नी की मौत का टेलिग्राम
बताते हैं कि सरदार पटेल की शादी 16 वर्ष की उम्र में जावेरबा के साथ 1891 में हुई थी। 1904 में उनकी एक बेटी मनीबेन हुई। 1905 में बेटा दयाभाई हुआ। सरदार वल्लभ भाई पटेल ने कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू कर दी थी। जब वह 33 साल के थी तभी उनकी पत्नी जावेरबा की मृत्यु हो गई थी। वह कोर्ट में बहस कर रहे थे, उसी दौरान उन्हें पत्नी की मौत का टेलिग्राम मिला। काम के प्रति उनका समर्पण इतना था कि टेलिग्राम पढ़ने के बाद वह फिर से बहस करने लगे। उन्होंने दूसरी शादी नहीं की।

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