Saturday , September 19 2020

‘हिंदुओं जैसा’ नहीं था नाम, तो नहीं करने दिया गरबा

वड़ोदरा

गुजरात के वड़ोदरा के रहने वाले और अब अमेरिका में बसे एक खगोलविद डॉ. करन जानी ने आरोप लगाया है कि उन्हें अमेरिका के एक गरबा वेन्यू से बाहर निकाल दिया गया। करन का आरोप है कि अटलांटा स्थित इस गरबा वेन्यू से उन्हें और उनके तीन दोस्तों को महज इसलिए निकाल दिया गया क्योंकि उनके सरनेम ‘हिंदुओं जैसे’ नहीं हैं।करन ने अपने ट्विटर और फेसबुक अकाउंट पर अपना अनुभव शेयर किया। जानी ने बताया कि वह इस स्थान पर पिछले छह सालों से गरबा करने जाते रहे हैं, कभी कोई दिक्कत नहीं हुई। करन ने बताया कि उन्होंने आयोजकों से गुजराती में बात करने की कोशिश भी की, मगर कोई नहीं माना।

करन ने विडियो ट्वीट करते हुए लिखा, ‘अटलांटा स्थित शक्ति मंदिर में गरबा फेस्टिवल के आयोजकों ने मुझे और मेरे दोस्तों को सिर्फ इसलिए एंट्री नहीं दी क्योंकि हमारे नाम हिंदुओं जैसे नहीं लगे।’उन्होंने लिखा, ‘मेरी कोंकणी दोस्त पहली बार गरबा में आई थी। उसे लाइन से बाहर कर बोला गया कि हम तुम्हारे इवेंट्स में नहीं आते हैं, इसलिए तुम हमारे इवेंट्स में नहीं आ सकती। मेरी दोस्त ने जब कहा कि मेरा सरनेम मुरदेश्वर है, मैं कन्नड-मराठी हूं। इस पर आयोजक बोला, कन्नड़ क्या होता है, तुम इस्माइली हो।’

मंदिर प्रशासन ने बाद में जताया खेद
हालांकि जानी ने बताया कि बाद में उन्हें मंदिर मैनेजमेंट की ओर से फोन आया और उन्होंने पूरी घटना पर खेद जताया और कहा कि वह इस तरह के भेदभाव में विश्वास नहीं रखता है। यह वॉलंटियर्स की गलती है।

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